मुजफ्फरनगर में सिंचाई विभाग के ठेकेदारों का धरना:दो साल से बकाया भुगतान का आरोप, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन

मुजफ्फरनगर में सिंचाई विभाग के ठेकेदारों का धरना:दो साल से बकाया भुगतान का आरोप, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन

मुजफ्फरनगर में सिंचाई विभाग में लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे महावीर चौक स्थित विभागीय कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ठेकेदारों का दावा है कि करीब 50 से 60 ठेकेदारों का 24 से 25 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। उन्होंने 11 सूत्रीय मांगों का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। धरने पर बैठे ठेकेदार अभिषेक बंसल ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से भुगतान नहीं हुआ है, जबकि शासन स्तर से संबंधित कार्यों की धनराशि जारी की जा चुकी है। इससे ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बकाया भुगतान जल्द जारी कराने की मांग की। ठेकेदारों के मांग-पत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों का लंबित भुगतान, वित्तीय वर्ष 2026-27 में एआर और एसआर मद के कार्यों की धनराशि जारी करने तथा जून-जुलाई में कराए गए नाला संबंधी कार्यों का भुगतान शामिल है। इसके अलावा बिना अनुबंध पूरे कराए गए कार्यों का नियमानुसार अनुबंध पूरा कर भुगतान करने की मांग की गई है।
ठेकेदारों ने निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सहायक अभियंता स्तर पर हुई निविदाओं के दस्तावेज उपलब्ध कराने, स्वीकृत बजट से अधिक के अनुबंध नहीं करने और तकनीकी पात्रता पूरी नहीं करने वाले निविदादाताओं को योग्य घोषित किए जाने के मामलों की जांच कराने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही अनुभवी कैशियर की नियुक्ति और स्थानांतरित कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने की मांग की गई। ठेकेदारों ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर लिखित जानकारी देने को कहा है। बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी और कहा कि धरना देने या प्रदर्शन करने से पहले अनुमति लें। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा ने बकाया भुगतान रोके जाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला ब्लैकलिस्टेड व्यक्ति को कैशियर नियुक्त कराने के लिए दबाव बनाने से जुड़ा है।

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