भारतीय Hockey Team की जर्सी विवाद पर बोले भोला नाथ, टिर्की को भी थी पूरी जानकारी

भारतीय Hockey Team की जर्सी विवाद पर बोले भोला नाथ, टिर्की को भी थी पूरी जानकारी

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि इस साल विश्व कप से ठीक पहले भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर हुआ विवाद पूरी तरह अनुचित था। उन्होंने दावा किया कि महासंघ के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को भी इस फैसले की पूरी जानकारी थी जबकि बाद में उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताई थी। भोला नाथ ने कहा कि खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की सलाह पर पारंपरिक नीले रंग की जगह केसरिया रंग की जर्सी अपनाने का फैसला किया गया था।उन्होंने कहा कि विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे दो महत्वपूर्ण टूर्नामेंट नजदीक होने के बावजूद इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं था। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने दावा किया था कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला महासंघ के कार्यकारी बोर्ड की जानकारी या मंजूरी के बिना लिया गया था। भोला नाथ ने हालांकि उनके इस दावे को खारिज कर दिया।भोला नाथ ने पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘देखिए, हमारे लिए खेल महत्वपूर्ण है, हॉकी महत्वपूर्ण है। विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले, चाहे मैं हूं या कोई और, हम सभी को यह समझना चाहिए कि हॉकी से प्यार करने वाले हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि ऐसे मुद्दे उठाकर खिलाड़ियों का ध्यान नहीं भटकाया जाए। इस मामले को बाद में भी सुलझाया जा सकता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एशियाड में हमारा मुख्य लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना था और हम इसमें सफल रहे। लेकिन इतने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को परेशान करना अच्छी बात नहीं थी। हालांकि यह मामला मेरे नियंत्रण से बाहर था।’’
भोला नाथ ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के पास मोबाइल फोन हैं और वे फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। ऐसे में इस तरह के विवादों का उन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों के पास मोबाइल फोन हैं।वे फेसबुक, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के अन्य मंचों पर सक्रिय हैं और वहां सब कुछ देखते हैं। ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए थीं। जिसने भी यह किया, वो सही नहीं था।’’
भोला नाथ ने बताया कि नारंगी रंग की जर्सी अपनाने का फैसला खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को कई डिजाइन दिखाने के बाद लिया गया था। खिलाड़ियों को नारंगी रंग पसंद आया था। उन्होंने कहा, ‘‘जब जर्सी बदली गई तो खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को चार-पांच डिजाइन दिखाए गए थे और उन्हें नारंगी रंग पसंद आया था।जर्सी के रंग में बदलाव के बारे में दिलीप टिर्की को जितनी जानकारी थी, उतनी ही मुझे भी थी। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। ’’
हालांकि विश्व कप के तुरंत बाद और एशियाड से पहले टिर्की ने दावा किया था कि भारत महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी को मुख्य किट के रूप में अपनाएगा जबकि सफेद रंग दूसरी पसंद होगा।लेकिन भारतीय टीम ने रंग की जर्सी को ही अपना मुख्य परिधान बनाए रखा। पंजाब में चल रही मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारतीय टीम इसी रंग की जर्सी पहनकर खेल रही है। भोला नाथ ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों से विवाद पर ध्यान नहीं देने और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था।उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप के दौरान भी यही हुआ था। एशियाड के लिए रवाना होने से पहले भी ऐसा ही विवाद हुआ। मैंने टीम से कहा था कि इस पर ध्यान मत दो, मैं तुम्हारे साथ हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों वर्गों की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। हमने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।’’
गौरतलब है कि भारत ने 1928 में पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेने के बाद से अधिकांश समय अपनी पारंपरिक नीले रंग की जर्सी पहनी है। हालांकि कुछ मौकों पर इसमें बदलाव भी देखने को मिला है। 

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि इस साल विश्व कप से ठीक पहले भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर हुआ विवाद पूरी तरह अनुचित था। उन्होंने दावा किया कि महासंघ के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को भी इस फैसले की पूरी जानकारी थी जबकि बाद में उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताई थी। भोला नाथ ने कहा कि खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की सलाह पर पारंपरिक नीले रंग की जगह केसरिया रंग की जर्सी अपनाने का फैसला किया गया था।

उन्होंने कहा कि विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे दो महत्वपूर्ण टूर्नामेंट नजदीक होने के बावजूद इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं था। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने दावा किया था कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला महासंघ के कार्यकारी बोर्ड की जानकारी या मंजूरी के बिना लिया गया था। भोला नाथ ने हालांकि उनके इस दावे को खारिज कर दिया।

भोला नाथ ने पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘देखिए, हमारे लिए खेल महत्वपूर्ण है, हॉकी महत्वपूर्ण है। विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले, चाहे मैं हूं या कोई और, हम सभी को यह समझना चाहिए कि हॉकी से प्यार करने वाले हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि ऐसे मुद्दे उठाकर खिलाड़ियों का ध्यान नहीं भटकाया जाए। इस मामले को बाद में भी सुलझाया जा सकता था।

’’
उन्होंने कहा, ‘‘एशियाड में हमारा मुख्य लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना था और हम इसमें सफल रहे। लेकिन इतने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को परेशान करना अच्छी बात नहीं थी। हालांकि यह मामला मेरे नियंत्रण से बाहर था।

’’
भोला नाथ ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के पास मोबाइल फोन हैं और वे फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। ऐसे में इस तरह के विवादों का उन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों के पास मोबाइल फोन हैं।

वे फेसबुक, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के अन्य मंचों पर सक्रिय हैं और वहां सब कुछ देखते हैं। ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए थीं। जिसने भी यह किया, वो सही नहीं था।

’’
भोला नाथ ने बताया कि नारंगी रंग की जर्सी अपनाने का फैसला खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को कई डिजाइन दिखाने के बाद लिया गया था। खिलाड़ियों को नारंगी रंग पसंद आया था। उन्होंने कहा, ‘‘जब जर्सी बदली गई तो खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को चार-पांच डिजाइन दिखाए गए थे और उन्हें नारंगी रंग पसंद आया था।

जर्सी के रंग में बदलाव के बारे में दिलीप टिर्की को जितनी जानकारी थी, उतनी ही मुझे भी थी। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। ’’
हालांकि विश्व कप के तुरंत बाद और एशियाड से पहले टिर्की ने दावा किया था कि भारत महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी को मुख्य किट के रूप में अपनाएगा जबकि सफेद रंग दूसरी पसंद होगा।

लेकिन भारतीय टीम ने रंग की जर्सी को ही अपना मुख्य परिधान बनाए रखा। पंजाब में चल रही मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारतीय टीम इसी रंग की जर्सी पहनकर खेल रही है। भोला नाथ ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों से विवाद पर ध्यान नहीं देने और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था।

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप के दौरान भी यही हुआ था। एशियाड के लिए रवाना होने से पहले भी ऐसा ही विवाद हुआ। मैंने टीम से कहा था कि इस पर ध्यान मत दो, मैं तुम्हारे साथ हूं।

’’
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों वर्गों की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। हमने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।

’’
गौरतलब है कि भारत ने 1928 में पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेने के बाद से अधिकांश समय अपनी पारंपरिक नीले रंग की जर्सी पहनी है। हालांकि कुछ मौकों पर इसमें बदलाव भी देखने को मिला है।

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