बेगूसराय के चाँदपुरा स्थित सिद्धपीठ पुरानी दुर्गा स्थान में सोमवार सुबह से ही मां दुर्गा को खोयछा चढ़ाने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन व पूजा-अर्चना को पहुंचे श्रद्धालुओं से परिसर में सुबह से ही चहल-पहल रही, जयकारों से माहौल भक्तिमय था। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में खोयछा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। आसपास के गांवों व जिले के बाहर से भी श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, सुबह से ही कतार में लगे थे। रविवार देर रात मंदिर परिसर में जागरण हुआ, महिलाओं ने भक्ति गीत गाए। मंत्रोच्चारण व विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आरती हुई। मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से सजा था। पुजारी अशोक मिश्रा ने बताया, यहां मां की पूजा की परंपरा वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी मुरादें पूरी होती हैं। प्रतिमा का विसर्जन बहंगी से परंपरागत होता है। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए। भीड़ नियंत्रित कर शांतिपूर्ण पूजा के लिए व्यवस्थाएं की गईं। बेगूसराय के चाँदपुरा स्थित सिद्धपीठ पुरानी दुर्गा स्थान में सोमवार सुबह से ही मां दुर्गा को खोयछा चढ़ाने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन व पूजा-अर्चना को पहुंचे श्रद्धालुओं से परिसर में सुबह से ही चहल-पहल रही, जयकारों से माहौल भक्तिमय था। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में खोयछा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। आसपास के गांवों व जिले के बाहर से भी श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, सुबह से ही कतार में लगे थे। रविवार देर रात मंदिर परिसर में जागरण हुआ, महिलाओं ने भक्ति गीत गाए। मंत्रोच्चारण व विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आरती हुई। मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से सजा था। पुजारी अशोक मिश्रा ने बताया, यहां मां की पूजा की परंपरा वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी मुरादें पूरी होती हैं। प्रतिमा का विसर्जन बहंगी से परंपरागत होता है। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए। भीड़ नियंत्रित कर शांतिपूर्ण पूजा के लिए व्यवस्थाएं की गईं।

