फरीदाबाद से दिल्ली तक नशे का नेटवर्क चलाने वाले एक सिंडिकेट का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के मुख्य बिचौलिए, सप्लायर और बड़े स्टॉकहोल्डर फरीदाबाद से काम कर रहे थे। साउथ-ईस्ट जिला पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे और निशानदेही पर 1.383 किलोग्राम स्मैक बरामद की गई है। साथ ही, नशे की तस्करी से कमाई गई 3.72 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज करने के आदेश भी दिए गए हैं। छोटे तस्करों से शुरू हुई जांच पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में जांच दिल्ली में नशा बेचने वाले छोटे तस्करों तक सीमित थी। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को नेटवर्क की बड़ी कड़ियों का पता चला। जांच आगे बढ़ी तो इसके तार हरियाणा के फरीदाबाद से जुड़ गए। पुलिस के अनुसार, फरीदाबाद में बैठे लोग इस नेटवर्क में सप्लायर, बिचौलिए और बड़े स्तर पर नशे का स्टॉक रखने वालों की भूमिका निभा रहे थे। 8 आरोपी गिरफ्तार, स्मैक बरामद इस मामले में किरण उर्फ राम प्रसाद, नीरज उर्फ थापा, अशोक उर्फ रामू, मणिया उर्फ सुमन पाठक, विक्की, गुड्डू, सुनीत उर्फ नन्हे और गोपी सिंह को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की है। गोपी सिंह फिलहाल फरीदाबाद जेल में बंद है। उसे भी फ्रीजिंग आदेश की प्रति संबंधित जेल प्रशासन के माध्यम से तामील कराई जाएगी। सुनीत उर्फ नन्हे को फ्रीजिंग आदेश की प्रति सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। 3.72 करोड़ की कमाई पर कार्रवाई पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी 3.72 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश हासिल किए हैं। इसका उद्देश्य आरोपियों को नशे के कारोबार से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल करने से रोकना है। पुलिस के मुताबिक, उत्तर भारत में वर्ष 1976 में सक्षम प्राधिकरण की स्थापना के बाद इसे इस तरह की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई बताया जा रहा है। ओखला थाने में दर्ज है केस यह कार्रवाई दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 225/2026 की जांच के दौरान की गई। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति की कड़ियों की जांच कर रही है।

