उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बुलंदशहर पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट-02 सतेन्द्र प्रकाश पाण्डेय की अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी पर 67 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2024 का है। स्याना थाना क्षेत्र के चांदपुर पूठरी गांव निवासी मोहनलाल पर नाबालिग को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप था। पीड़िता के भाई की शिकायत पर 23 अक्टूबर 2024 को स्याना थाने में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 1 दिसंबर 2024 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म का आरोप पुलिस के मुताबिक चांदपुर पूठरी गांव निवासी मोहनलाल, स्वर्गीय भूरा का बेटा है। उस पर नाबालिग लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पीड़िता के भाई ने स्याना थाने में शिकायत दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने 23 अक्टूबर 2024 को पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। 1 दिसंबर को कोर्ट में दाखिल हुई थी चार्जशीट स्याना पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 1 दिसंबर 2024 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। डीजीपी यूपी के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बुलंदशहर मॉनिटरिंग सेल ने केस की लगातार निगरानी की और अदालत में प्रभावी पैरवी पर जोर दिया। 5 गवाहों के बयान और सबूतों पर फैसला अदालत में सरकारी पक्ष की ओर से कुल पांच गवाह पेश किए गए। पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने मामले की पैरवी को लेकर सरकारी वकील के साथ समन्वय बनाए रखा। अदालत ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मोहनलाल को दोषी माना। उम्रकैद के साथ 67 हजार रुपए जुर्माना विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट-02 सतेन्द्र प्रकाश पाण्डेय की अदालत ने मोहनलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 67 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सरकारी वकील धर्मेन्द्र राघव, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार कांस्टेबल वासू और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल अजीत सिंह की अहम भूमिका रही।

