पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में एसएसबी और गौनाहा थाना पुलिस की टीम ने गुरुवार शाम गश्त के दौरान भगवान गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा के साथ दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया। यह प्रतिमा करीब 7.705 किलोग्राम वजनी है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर नंबर 441 से लगभग 6.2 किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में की गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह प्रतिमा 12 लाख रुपये में खरीदी थी और इसे 20 लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी। स्कूटी से ले जा रहे थे गौतम बुद्ध की प्रतिमा 17 सितंबर 2026 की देर शाम एसएसबी के निरीक्षक अरुण कुमार सिंह अपनी टीम और बिहार पुलिस के जवानों के साथ रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मांगुराहा सैनिक रोड से एक स्कूटी पर दो लोग आते दिखे। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों ने उन्हें रोका और पूछताछ की। स्कूटी की तलाशी लेने पर उसकी सीट के नीचे रखे एक थैले से पीली धातु से बनी भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा मिली। उनके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामनगर थाना क्षेत्र के फुलकौल गांव निवासी 40 वर्षीय साहिद अंसारी (सकुर अंसारी का बेटा) और सबुनी गांव निवासी 30 वर्षीय सुद्दू खान (मकसूद मियां का बेटा) के रूप में हुई है। 12 लाख की मुर्ती को 20 लाख में बेचने वाले थे पूछताछ में दोनों ने एसएसबी को बताया कि उन्होंने दो नेपाली नागरिकों से यह प्रतिमा 12 लाख रुपए में खरीदी थी। उनकी योजना इसे 20 लाख रुपए में बेचकर ज्यादा पैसे कमाने की थी, लेकिन बिक्री से पहले ही वे पकड़े गए। एसएसबी की टीम ने बुद्ध प्रतिमा, स्कूटी और दोनों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। इसके बाद दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए गौनाहा थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब प्रतिमा के कहां से आने, उसकी असली कीमत और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में एसएसबी और गौनाहा थाना पुलिस की टीम ने गुरुवार शाम गश्त के दौरान भगवान गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा के साथ दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया। यह प्रतिमा करीब 7.705 किलोग्राम वजनी है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर नंबर 441 से लगभग 6.2 किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में की गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह प्रतिमा 12 लाख रुपये में खरीदी थी और इसे 20 लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी। स्कूटी से ले जा रहे थे गौतम बुद्ध की प्रतिमा 17 सितंबर 2026 की देर शाम एसएसबी के निरीक्षक अरुण कुमार सिंह अपनी टीम और बिहार पुलिस के जवानों के साथ रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मांगुराहा सैनिक रोड से एक स्कूटी पर दो लोग आते दिखे। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों ने उन्हें रोका और पूछताछ की। स्कूटी की तलाशी लेने पर उसकी सीट के नीचे रखे एक थैले से पीली धातु से बनी भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा मिली। उनके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामनगर थाना क्षेत्र के फुलकौल गांव निवासी 40 वर्षीय साहिद अंसारी (सकुर अंसारी का बेटा) और सबुनी गांव निवासी 30 वर्षीय सुद्दू खान (मकसूद मियां का बेटा) के रूप में हुई है। 12 लाख की मुर्ती को 20 लाख में बेचने वाले थे पूछताछ में दोनों ने एसएसबी को बताया कि उन्होंने दो नेपाली नागरिकों से यह प्रतिमा 12 लाख रुपए में खरीदी थी। उनकी योजना इसे 20 लाख रुपए में बेचकर ज्यादा पैसे कमाने की थी, लेकिन बिक्री से पहले ही वे पकड़े गए। एसएसबी की टीम ने बुद्ध प्रतिमा, स्कूटी और दोनों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। इसके बाद दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए गौनाहा थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब प्रतिमा के कहां से आने, उसकी असली कीमत और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है।

