सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई जाने वाली शिक्षकों की पात्रता परीक्षा में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की परीक्षा अलग-अलग होगी। यह स्थिति तब बनेगी, जब माध्यमिक शिक्षा मंडल ही पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षा कराने वाली एजेंसी बनेगा। लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच इसको लेकर चल रहे संवाद के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल अपना प्लान तैयार कर रहा है और मंडल के प्लान के बाद सरकार इस मामले में अंतिम फैसला लेगी। प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों से ऑफलाइन मोड पर पात्रता परीक्षा लेने के लिए कर्मचारी चयन मंडल के बाद दूसरी एजेंसी तलाश रहा स्कूल शिक्षा विभाग अब माध्यमिक शिक्षा मंडल से ही परीक्षा करा सकता है। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन का विकल्प आने के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल का परीक्षा एजेंसी बनना तय माना जा रहा है, क्योंकि मंडल द्वारा सभी परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में ही कराई जाती हैं, जबकि कर्मचारी चयन मंडल ऑनलाइन एग्जाम कराता है। बताया जा रहा है कि लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच चर्चा के बाद मंडल ने अपना परीक्षा शेड्यूल तैयार करना शुरू कर दिया है। मंडल के शेड्यूल पर मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री तथा अधिकारियों के बीच डिस्कसन के बाद ही इसे फाइनल किया जाएगा, ऐसा मंडल के अधिकारियों का कहना है। परीक्षा नवंबर या दिसंबर हो सकती है माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षा कराने के लिए जो सेटअप रखा गया है, उसके अनुसार परीक्षा फॉर्म भराए जाने के बाद जब लोक शिक्षण संचालनालय परीक्षा देने वाले शिक्षकों की संख्या माध्यमिक शिक्षा मंडल को बताएगा, उसके बाद परीक्षा कराने में दो माह का समय लगेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शेड्यूल देने का काम अगर अगले दस दिनों में पूरा कर लिया जाता है, तो भी परीक्षा नवंबर या दिसंबर महीने तक जाएगी। पहले प्राथमिक, फिर माध्यमिक शिक्षकों की होगी परीक्षा विभाग के अफसरों की मानें तो माध्यमिक शिक्षा मंडल की एजेंसी तय होने के बाद पहले प्राथमिक शिक्षकों और फिर माध्यमिक शिक्षकों की परीक्षा कराई जाएगी। इसी कारण चालू साल में सिर्फ एक बार ही पात्रता परीक्षा हो पाने की संभावना है। दूसरी ओर, शिक्षक संगठनों ने विकासखंड और जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग स्कूल शिक्षा विभाग से की है। इसलिए माध्यमिक शिक्षा मंडल जिला और विकासखंड स्तर पर भी परीक्षा करा सकता है। ऐसे में शिक्षकों को ज्यादा दूरी तक आना-जाना नहीं पड़ेगा। फीस जमा कराने का काम कर्मचारी चयन मंडल ही कराएगा विभागीय अफसरों के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर कर्मचारी चयन मंडल ने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से परीक्षा कराने के लिए पूर्व में घोषित अंतिम तिथि 4 सितंबर से बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी है। ऐसे में आवेदन जमा करने की कार्रवाई कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से ही होगी। बाद में कर्मचारी चयन मंडल जमा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को फॉरवर्ड कर देगा। अब तक करीब 20 हजार आवेदन भरे जाने की जानकारी सामने आई है।

