जहानाबाद में पोषण माह की गतिविधियों को प्रभावी बनाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक बैठक हुई। यह बैठक गुरुवार को समाहरणालय में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें पोषण जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, महादलित टोलों में रेसिपी प्रदर्शनी और नशा मुक्त भारत अभियान को पोषण गतिविधियों से जोड़ने पर विस्तार से बात हुई। बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य का करीब 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। डीएम ने बचे हुए कामों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने पोषण माह के संदेशों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और खासकर आहार में विविधता व प्रोटीनयुक्त भोजन के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। डीएम ने अनुसूचित जाति और महादलित टोलों में रेसिपी प्रदर्शनी लगाने का निर्देश दिया। इन प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय परिवारों को पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका, विकास मित्र और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया। उन्होंने जिले के किसी एक दूरदराज और पिछड़े महादलित टोले को चुनकर वहां जनभागीदारी पर आधारित पोषण कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया। इस कार्यक्रम का मकसद गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण के साथ सामाजिक समरसता का संदेश देना है।
बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान को पोषण माह की गतिविधियों से जोड़ने और स्वास्थ्य विभाग की मदद से टीबी व एनीमिया को भी अभियान में शामिल करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने आईसीडीएस को सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर तय की गई गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा करने को कहा। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे। जहानाबाद में पोषण माह की गतिविधियों को प्रभावी बनाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक बैठक हुई। यह बैठक गुरुवार को समाहरणालय में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें पोषण जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, महादलित टोलों में रेसिपी प्रदर्शनी और नशा मुक्त भारत अभियान को पोषण गतिविधियों से जोड़ने पर विस्तार से बात हुई। बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य का करीब 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। डीएम ने बचे हुए कामों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने पोषण माह के संदेशों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और खासकर आहार में विविधता व प्रोटीनयुक्त भोजन के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। डीएम ने अनुसूचित जाति और महादलित टोलों में रेसिपी प्रदर्शनी लगाने का निर्देश दिया। इन प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय परिवारों को पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका, विकास मित्र और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया। उन्होंने जिले के किसी एक दूरदराज और पिछड़े महादलित टोले को चुनकर वहां जनभागीदारी पर आधारित पोषण कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया। इस कार्यक्रम का मकसद गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण के साथ सामाजिक समरसता का संदेश देना है।
बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान को पोषण माह की गतिविधियों से जोड़ने और स्वास्थ्य विभाग की मदद से टीबी व एनीमिया को भी अभियान में शामिल करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने आईसीडीएस को सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर तय की गई गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा करने को कहा। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

