गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के कुईबार गांव में तंत्र-मंत्र और जादू-टोना के शक में एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को गांव के पास जंगल में ले जाकर जला दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी बेटे समेत 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इसकी पुष्टि एसडीपीओ अब्दुर रहमान दानिश ने की है। पत्नी के गिरने के बाद पिता पर करने लगा शक एसडीपीओ अब्दुर रहमान दानिश ने बताया कि मामला इमामगंज थाना क्षेत्र के कुईबार गांव का है। मृतक की पत्नी फूलकुमारी ने 9 सितंबर को थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसमें उसने अपने छोटे बेटे राजकुमार रजक पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले राजकुमार रजक की पत्नी सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई थी। इसके बाद राजकुमार अपने पिता पर जादू-टोना करने का शक करने लगा। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। लोहे की रॉड से गला दबाकर हत्या पुलिस के अनुसार, इसी विवाद में राजकुमार रजक ने लोहे की रॉड से अपने पिता का गला दबा दिया। उसने तब तक गला दबाए रखा, जब तक पिता की मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद राजकुमार ने अपने सहयोगियों की मदद से शव को गांव के पास जंगल में पहुंचाया और वहां जला दिया। पुलिस के मुताबिक, शव जलाने का मकसद हत्या से जुड़े साक्ष्य को मिटाना था। 24 घंटे में सभी 5 आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद इमामगंज पुलिस ने थाना कांड संख्या 346/26 दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी सुशील कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ इमामगंज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई। टीम में थानाध्यक्ष नौशाद खान, सब-इंस्पेक्टर ममता कुमारी, तकनीकी शाखा के एक्सपर्ट और पुलिस बल के जवान शामिल थे। विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर हत्याकांड में शामिल पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में राजकुमार रजक, मृतक का छोटा बेटा और मुख्य आरोपी, गुरु रजक, टेकन रजक, सहदेव रजक और एक महिला शामिल है। गुरु रजक, टेकन रजक और सहदेव रजक के पिता का नाम स्वर्गीय गनौरी रजक बताया गया है। अंधविश्वास बना हत्या की वजह पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राजकुमार की पत्नी के सीढ़ियों से गिरकर घायल होने के बाद वह पिता पर जादू-टोना करने का शक करने लगा था। इसी अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद के बीच पिता की हत्या कर दी गई। गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के कुईबार गांव में तंत्र-मंत्र और जादू-टोना के शक में एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को गांव के पास जंगल में ले जाकर जला दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी बेटे समेत 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इसकी पुष्टि एसडीपीओ अब्दुर रहमान दानिश ने की है। पत्नी के गिरने के बाद पिता पर करने लगा शक एसडीपीओ अब्दुर रहमान दानिश ने बताया कि मामला इमामगंज थाना क्षेत्र के कुईबार गांव का है। मृतक की पत्नी फूलकुमारी ने 9 सितंबर को थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसमें उसने अपने छोटे बेटे राजकुमार रजक पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले राजकुमार रजक की पत्नी सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई थी। इसके बाद राजकुमार अपने पिता पर जादू-टोना करने का शक करने लगा। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। लोहे की रॉड से गला दबाकर हत्या पुलिस के अनुसार, इसी विवाद में राजकुमार रजक ने लोहे की रॉड से अपने पिता का गला दबा दिया। उसने तब तक गला दबाए रखा, जब तक पिता की मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद राजकुमार ने अपने सहयोगियों की मदद से शव को गांव के पास जंगल में पहुंचाया और वहां जला दिया। पुलिस के मुताबिक, शव जलाने का मकसद हत्या से जुड़े साक्ष्य को मिटाना था। 24 घंटे में सभी 5 आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद इमामगंज पुलिस ने थाना कांड संख्या 346/26 दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी सुशील कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ इमामगंज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई। टीम में थानाध्यक्ष नौशाद खान, सब-इंस्पेक्टर ममता कुमारी, तकनीकी शाखा के एक्सपर्ट और पुलिस बल के जवान शामिल थे। विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर हत्याकांड में शामिल पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में राजकुमार रजक, मृतक का छोटा बेटा और मुख्य आरोपी, गुरु रजक, टेकन रजक, सहदेव रजक और एक महिला शामिल है। गुरु रजक, टेकन रजक और सहदेव रजक के पिता का नाम स्वर्गीय गनौरी रजक बताया गया है। अंधविश्वास बना हत्या की वजह पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राजकुमार की पत्नी के सीढ़ियों से गिरकर घायल होने के बाद वह पिता पर जादू-टोना करने का शक करने लगा था। इसी अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद के बीच पिता की हत्या कर दी गई।

