बिहार शरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगमा गांव में एक छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कमरे में फंदे से लटका शव मिला है। मृतका की पहचान धर्मेंद्र पांडेय की पुत्री अनुलेखा कुमारी(20) के रूप में की गई है। बीए सेकंड ईयर में पढ़ती थी। घटना के समय घर में केवल उसकी बीमार मां और छोटा भाई मौजूद थे। घर की सबसे बड़ी लड़की थी। परिवार में उसके अलावा दो भाई हैं। परिवार के भरण-पोषण के लिए पिता धर्मेंद्र पांडेय और बड़ा भाई पंजाब में रहकर एक निजी कंपनी में कारीगरी का काम करते हैं। गांव वाले घर पर अनुलेखा अपनी बीमार मां और छोटे भाई के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस आत्मघाती कदम से पूरा परिवार स्तब्ध है और गांव के लोग भी सन्न हैं। मां के कहने पर कमरे में गया था भाई छोटे भाई अविराज कुमार ने बताया कि उसकी मां की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है। रात लगभग एक बजे अनुलेखा मां का हाल-चाल लेने कमरे में आई थी और सब कुछ बिल्कुल सामान्य लग रहा था। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। अहले सुबह करीब साढ़े तीन बजे मां ने बहन को बुलाने भेजा। जब कमरे में पहुंचा तो दीदी को फंदे से लटकते देख सहम गया। इसके बाद तुरंत चाकू से फंदा काटा और बाहर आकर चाचा और आसपास के लोगों को आवाज दी, लेकिन तब तक दीदी की सांसें थम चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन का इंतजार दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। आवेदन मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी, फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की छानबीन कर रही है। बिहार शरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगमा गांव में एक छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कमरे में फंदे से लटका शव मिला है। मृतका की पहचान धर्मेंद्र पांडेय की पुत्री अनुलेखा कुमारी(20) के रूप में की गई है। बीए सेकंड ईयर में पढ़ती थी। घटना के समय घर में केवल उसकी बीमार मां और छोटा भाई मौजूद थे। घर की सबसे बड़ी लड़की थी। परिवार में उसके अलावा दो भाई हैं। परिवार के भरण-पोषण के लिए पिता धर्मेंद्र पांडेय और बड़ा भाई पंजाब में रहकर एक निजी कंपनी में कारीगरी का काम करते हैं। गांव वाले घर पर अनुलेखा अपनी बीमार मां और छोटे भाई के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस आत्मघाती कदम से पूरा परिवार स्तब्ध है और गांव के लोग भी सन्न हैं। मां के कहने पर कमरे में गया था भाई छोटे भाई अविराज कुमार ने बताया कि उसकी मां की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है। रात लगभग एक बजे अनुलेखा मां का हाल-चाल लेने कमरे में आई थी और सब कुछ बिल्कुल सामान्य लग रहा था। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। अहले सुबह करीब साढ़े तीन बजे मां ने बहन को बुलाने भेजा। जब कमरे में पहुंचा तो दीदी को फंदे से लटकते देख सहम गया। इसके बाद तुरंत चाकू से फंदा काटा और बाहर आकर चाचा और आसपास के लोगों को आवाज दी, लेकिन तब तक दीदी की सांसें थम चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन का इंतजार दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। आवेदन मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी, फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की छानबीन कर रही है।

