नशा बेचने वालों पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना:बांका में सेवन करने पर 5 हजार, ग्रामीणों ने बनाई मॉनिटरिंग टीम

नशा बेचने वालों पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना:बांका में सेवन करने पर 5 हजार, ग्रामीणों ने बनाई मॉनिटरिंग टीम

बांका जिले में नशा मुक्त समाज बनाने की मुहिम अब गांवों तक पहुंच रही है। रजौन थाना क्षेत्र के संझा-श्यामपुर पंचायत के मकरमडीह गांव में बुधवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें सूखा नशा और दूसरे नशीले पदार्थों के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का फैसला लिया गया। साथ ही नशे के कारोबार पर नजर रखने के लिए एक निगरानी टीम भी बनाई गई है। बैठक की अध्यक्षता सरपंच प्रतिनिधि और मानवाधिकार के जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने की। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में सूखा नशा और दूसरे नशीले पदार्थों का चलन बढ़ रहा है। इसकी चपेट में छोटे बच्चे और युवा आ रहे हैं। नशे से परिवार और समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए पंचायत के लोगों ने खुद आगे आकर नशे के खिलाफ मोर्चा संभालने का फैसला किया है। 10 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना बैठक में नौ ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो पहले नशीले पदार्थ बेचते थे। ग्रामीणों ने इन लोगों समेत नशे के कारोबार में शामिल दूसरे लोगों पर खास नजर रखने की बात कही। बैठक में तय हुआ कि नशा करते पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये और नशीला पदार्थ बेचते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही पुलिस को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई कराने पर भी सहमति बनी। ग्रामीणों ने बताया कि नशे की वजह से समाज में कई तरह की बुराइयां और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए सभी लोगों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। नशे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाएंगे ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यह मुहिम सिर्फ एक पंचायत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसपास की पंचायतों में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। मानवाधिकार के जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि नशे के कारण समाज परेशान है। पंचायतवासी अब एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इस बैठक में लखनलाल साह, नंदकिशोर यादव, संजय यादव, धर्मेंद्र पासवान, राजीव पासवान, भागवत मंडल, बिहारी पासवान, सुदामा यादव, संदीप कुमार, किशोर कुमार मिश्रा समेत कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बांका जिले में नशा मुक्त समाज बनाने की मुहिम अब गांवों तक पहुंच रही है। रजौन थाना क्षेत्र के संझा-श्यामपुर पंचायत के मकरमडीह गांव में बुधवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें सूखा नशा और दूसरे नशीले पदार्थों के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का फैसला लिया गया। साथ ही नशे के कारोबार पर नजर रखने के लिए एक निगरानी टीम भी बनाई गई है। बैठक की अध्यक्षता सरपंच प्रतिनिधि और मानवाधिकार के जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने की। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में सूखा नशा और दूसरे नशीले पदार्थों का चलन बढ़ रहा है। इसकी चपेट में छोटे बच्चे और युवा आ रहे हैं। नशे से परिवार और समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए पंचायत के लोगों ने खुद आगे आकर नशे के खिलाफ मोर्चा संभालने का फैसला किया है। 10 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना बैठक में नौ ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो पहले नशीले पदार्थ बेचते थे। ग्रामीणों ने इन लोगों समेत नशे के कारोबार में शामिल दूसरे लोगों पर खास नजर रखने की बात कही। बैठक में तय हुआ कि नशा करते पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये और नशीला पदार्थ बेचते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही पुलिस को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई कराने पर भी सहमति बनी। ग्रामीणों ने बताया कि नशे की वजह से समाज में कई तरह की बुराइयां और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए सभी लोगों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। नशे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाएंगे ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यह मुहिम सिर्फ एक पंचायत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसपास की पंचायतों में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। मानवाधिकार के जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि नशे के कारण समाज परेशान है। पंचायतवासी अब एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इस बैठक में लखनलाल साह, नंदकिशोर यादव, संजय यादव, धर्मेंद्र पासवान, राजीव पासवान, भागवत मंडल, बिहारी पासवान, सुदामा यादव, संदीप कुमार, किशोर कुमार मिश्रा समेत कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

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