शाहजहांपुर के मदनापुर थाना क्षेत्र में गौवंशों के खेतों में घुसने से फसल बर्बाद होने पर किसानों का गुस्सा बढ़ गया। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे किसानों ने कटरा-जलालाबाद हाईवे पर ट्रैक्टर और बाइकें खड़ी कर जाम लगाने की कोशिश की। सूचना पर पुलिस पहुंची तो किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच काफी देर तक बहस हुई। किसान फसल के नुकसान का मुआवजा और खुले में घूम रहे गौवंशों की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि गौशाला का गेट या जाली खुलने के बाद गौवंश बाहर निकल जाते हैं और खेतों में पहुंचकर फसल बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने गौशालाओं में साफ-सफाई की व्यवस्था खराब होने का भी आरोप लगाया। बाद में प्रभारी निरीक्षक के पहुंचने और किसानों से बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। किसानों की खंड विकास अधिकारी से बातचीत कराई गई, जहां उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया। गुरुवार दोपहर कटरा-जलालाबाद हाईवे पर किसान अपनी समस्या लेकर पहुंच गए। उन्होंने ट्रैक्टर और बाइकें सड़क पर खड़ी कर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई। एक दरोगा ने किसानों से कहा कि फसल के नुकसान के बाद सड़क जाम करके दूसरा नुकसान न करें और जाम करने पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे। बातचीत के बाद किसानों को शांत कराया गया। पुलिस के मुताबिक, हाईवे पर यातायात प्रभावित नहीं हुआ और आवागमन सुचारू रहा। किसानों ने कहा- कई एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी रामनगर के किसान सुखराज पुत्र बलदेव सिंह और मिर्जाभानपुर गांव के बलदेव सिंह, लवप्रीत सिंह, जरमल सिंह, अर्शदीप सिंह और मंजीत सिंह समेत कई किसानों ने बताया कि उनके खेतों में कई बार गौवंश घुस चुके हैं। किसानों का कहना है कि इससे उनकी कई एकड़ फसल बर्बाद हुई है और उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। गुस्साए किसान बलदेव सिंह ने कहा कि अगर फसल के नुकसान का मुआवजा नहीं मिला तो वे फांसी लगाकर आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। प्रशासन ने किसानों की इस मांग को लेकर राजस्व विभाग को जानकारी देने की बात कही है। गौशाला की गंदगी और टूटी जाली पर भी सवाल किसानों ने आरोप लगाया कि गौशालाओं में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। वहां नालियों और दूसरी जगहों पर गंदगी व कीड़े होने की शिकायत भी की। उनका कहना है कि गौवंशों को सुरक्षित रखने के बजाय कई बार गौशाला का गेट खोलकर उन्हें बाहर छोड़ दिया जाता है। इसके बाद ये जानवर खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। खंड विकास अधिकारी डॉ. इंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि गौशाला की जाली टूट जाने के कारण कुछ गौवंश बाहर निकल गए थे। इससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है और इस संबंध में राजस्व विभाग को जानकारी दे दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मिलेगा मुआवजा खंड विकास अधिकारी ने बताया कि यदि नियमानुसार फसल नुकसान के मुआवजे का प्रावधान होता है तो राजस्व टीम मौके की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन की ओर से मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। किसानों को इस संबंध में भरोसा दिया गया है। किसानों ने चेतावनी दी कि गौशाला की साफ-सफाई, गौवंशों को सुरक्षित रखने और खेतों की फसल बचाने की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। किसानों का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्हें फिर हाईवे पर उतरकर जाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि किसानों को समझाकर वापस कर दिया गया है और फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।

