दुर्गा पूजा को लेकर औरंगाबाद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:सभी प्रखंडों में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तैनात; संवेदनशील स्थलों, पूजा पंडालों, विसर्जन मार्गों पर विशेष निगरानी

दुर्गा पूजा को लेकर औरंगाबाद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:सभी प्रखंडों में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तैनात; संवेदनशील स्थलों, पूजा पंडालों, विसर्जन मार्गों पर विशेष निगरानी

दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के उद्देश्य से सभी प्रखंडों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर पूजा पंडालों, मेला क्षेत्रों, संवेदनशील स्थलों और धार्मिक जुलूसों के मार्गों तक विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी प्रखंडों में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात दुर्गा पूजा के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था संधारण के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी प्रखंडों में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी परिस्थिति में शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, दुर्गा पूजा पंडालों, मेला क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। धार्मिक जुलूसों के निर्धारित मार्गों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पूजा-अर्चना, दर्शन और अन्य धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय रहें और किसी भी समस्या को गंभीरता से लें। विधि-व्यवस्था से जुड़ी सूचना मिलने पर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। संवेदनशील स्थलों और जुलूस मार्गों पर विशेष चौकसी दुर्गा पूजा के मद्देनजर संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। मंदिरों, मस्जिदों के आसपास, धार्मिक जुलूसों के मार्गों और ऐसे स्थानों पर जहां तनाव की आशंका हो सकती है, अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और अनुज्ञप्तिधारियों को निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है। पूजा और जुलूस के दौरान उत्तेजक या भड़काऊ गीत बजाने, आपत्तिजनक नारे लगाने तथा प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन करने से परहेज करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना और किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न होने से रोकना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी अप्रिय घटना, तनाव अथवा विधि-व्यवस्था से संबंधित सूचना पर बिना विलंब कार्रवाई करें। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर दुर्गा पूजा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने और अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर जिला प्रशासन विशेष निगरानी रख रहा है। इसके लिए समाहरणालय परिसर में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष तीन पालियों में 24 घंटे सातों दिन कार्यरत रहेगा। यहां प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सूचित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संवेदनशील क्षेत्रों, पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाना है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें। बिना सत्यापन के किसी संदेश, फोटो या वीडियो को सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से साझा करने से बचें। यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या विधि-व्यवस्था से संबंधित समस्या की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर **06186-295027** जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर आवश्यक सूचना प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। शांति भंग करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बाधित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से नागरिकों से आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के साथ दुर्गा पूजा मनाने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान संयम बरतें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि दुर्गा पूजा के दौरान जिले में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें। इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी तत्परता से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के उद्देश्य से सभी प्रखंडों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर पूजा पंडालों, मेला क्षेत्रों, संवेदनशील स्थलों और धार्मिक जुलूसों के मार्गों तक विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी प्रखंडों में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात दुर्गा पूजा के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था संधारण के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी प्रखंडों में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी परिस्थिति में शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, दुर्गा पूजा पंडालों, मेला क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। धार्मिक जुलूसों के निर्धारित मार्गों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पूजा-अर्चना, दर्शन और अन्य धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय रहें और किसी भी समस्या को गंभीरता से लें। विधि-व्यवस्था से जुड़ी सूचना मिलने पर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। संवेदनशील स्थलों और जुलूस मार्गों पर विशेष चौकसी दुर्गा पूजा के मद्देनजर संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। मंदिरों, मस्जिदों के आसपास, धार्मिक जुलूसों के मार्गों और ऐसे स्थानों पर जहां तनाव की आशंका हो सकती है, अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और अनुज्ञप्तिधारियों को निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है। पूजा और जुलूस के दौरान उत्तेजक या भड़काऊ गीत बजाने, आपत्तिजनक नारे लगाने तथा प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन करने से परहेज करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना और किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न होने से रोकना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी अप्रिय घटना, तनाव अथवा विधि-व्यवस्था से संबंधित सूचना पर बिना विलंब कार्रवाई करें। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर दुर्गा पूजा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने और अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर जिला प्रशासन विशेष निगरानी रख रहा है। इसके लिए समाहरणालय परिसर में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष तीन पालियों में 24 घंटे सातों दिन कार्यरत रहेगा। यहां प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सूचित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संवेदनशील क्षेत्रों, पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाना है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें। बिना सत्यापन के किसी संदेश, फोटो या वीडियो को सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से साझा करने से बचें। यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या विधि-व्यवस्था से संबंधित समस्या की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर **06186-295027** जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर आवश्यक सूचना प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। शांति भंग करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बाधित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से नागरिकों से आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के साथ दुर्गा पूजा मनाने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान संयम बरतें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि दुर्गा पूजा के दौरान जिले में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें। इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी तत्परता से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।  

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