मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद फरीदकोट जिला पुलिस ने मेडिकल नशे की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी है। इसके तहत शुक्रवार को एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने कोटकपूरा में डीएसपी संजीव कुमार की मौजूदगी में केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में दवाओं की अवैध बिक्री और नशे के तौर पर दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस और केमिस्टों के बीच तालमेल मजबूत करने पर जोर दिया गया। एसएसपी बैंस ने केमिस्टों को दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े सभी कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। बिक्री करते समय विशेष सतर्कता बरती जाए उन्होंने कहा कि नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं की बिक्री करते समय विशेष सतर्कता बरती जाए। किसी भी तरह की गैरकानूनी बिक्री रोकने के लिए चौकसी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित रखा जाए। जिन दवाओं के लिए डॉक्टर की वैध पर्ची जरूरी है, उन्हें उसी के अनुसार बेचा जाए। किसी भी संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए। प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। केमिस्ट समुदाय नियमों का पालन करके और संदिग्ध गतिविधियों की समय पर पुलिस को जानकारी देकर इस अभियान में अहम योगदान दे सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नशा तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

