गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने यूपी पुलिस के रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर के बचत खाते से 1 लाख 55 हजार 499 रुपये उड़ा दिए। पीड़ित दरोगा ने 2 महीने पहले थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली तो दोबारा तहरीर दी। मंगलवार को पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पीड़ित राम निरंजन दिव्य नगर कॉलोनी में रहते हैं। वह उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक (SI) हैं। उनका बचत खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, 26वीं वाहिनी पीएसी, गोरखपुर शाखा में है। रिटायर्ड SI ने बताया कि 27 अगस्त 2026 को उनके बैंक खाते से UPI के माध्यम से 99 हजार 999 रुपये और 28 अगस्त 2026 को 55 हजार 500 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। इस प्रकार अज्ञात साइबर अपराधियों ने कुल 1,55,499 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मानसिक रूप से परेशान चल रहे दरोगा इस संबंध में उन्होंने 31 अगस्त 2026 को ही थाना कैंट में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक शिकायत पर की गई कार्रवाई और जांच की प्रगति के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। रिटायर्ड एसआई ने बताया कि इस घटना से गंभीर आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 22 अक्टूबर 2026 को उन्होंने दोबारा थाना प्रभारी निरीक्षक कैंट को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो केस दर्ज कर संबंधित UPI लेन-देन और धनराशि प्राप्त करने वाले बैंक खातों की जांच कराई जाए। दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए धनराशि वापस दिलाई जाए। तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66D के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसकी जांच निरीक्षक जितेन्द्र कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि UPI रेफरेंस नंबरों के आधार पर ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। जिन खातों में पैसा गया है, उनका विवरण बैंकों से मांगा गया है।

