हिसार में गुर्जर कल्याण सभा में कब्जे को लेकर जंग तेज को गई है। गुर्जर कल्याण सभा पटेल नगर भवन का संचालन करती है। इसके हिसाब किताब का खर्च मांगने पर एक सदस्य पर हुआ जानलेवा हमले का मामला गरमा गया है। इसको लेकर गुर्जर समाज के प्रबुद्ध लोगों की एक आपात बैठक हुई। बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने कृष्ण मासी गुर्जर पर हुए जानलेवा हमले का विरोध किया गया। हमले पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की। बता दें कि 11 अक्टूबर को चंदे का हिसाब मांगने पर कृष्ण मासी पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया गया था, जिससे उनके दोनों पांवों और आंख पर गंभीर चोटें आईं थी। जानिए क्या था पूरा मामला, इसलिए हमला किया… 11 अक्टूबर को बैठक बुलाई गई : बैठक में 11 अक्टूबर को पटेल भवन में हुई घटना का पूरा विवरण रखा गया। वक्ताओं ने बताया कि 11 अक्टूबर को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए कृष्ण मासी को गुर्जर कल्याण सभा की मीटिंग में बुलाया गया था। मीटिंग में कृष्ण ने आगामी पटेल जयंती समारोह की तैयारियों पर चर्चा की, जिस पर सभा ने तैयारियों की जानकारी साझा की। लेन-देन व चुनाव की बात की : इसके बाद जब कृष्ण मासी ने धर्मशाला के आय-व्यय के लेनदेन और नए चुनाव कराने की बात उठाई, तो अनिल लोमोड नामक व्यक्ति ने उनकी बात काटते हुए अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। हालांकि उस समय कार्यकारिणी ने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया, लेकिन जैसे ही कृष्ण मीटिंग से बाहर निकले, अनिल ने उन्हें दबोच लिया। बैठक से बाहर आते ही हमला : आरोप है कि अनिल ने फोन करके अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और सभी ने मिलकर कृष्ण पर चाकू और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनके दोनों पांवों और आंख पर गंभीर चोटें आईं। 52 सालों से एक ही परिवार का कब्जा : प्रधान
वल्लभभाई पटेल गुर्जर समाज संगठन के प्रधान रामकुमार उर्फ अली शेर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अभी तक इस मामले में उचित कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने 7 दिन के भीतर आरोपियों पर जान से मारने की कोशिश के तहत उचित कार्रवाई नहीं की, तो गुर्जर समाज और मोहल्लावासी एकजुट होकर SP और DC हिसार से मिलेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 52 वर्षों से धर्मशाला पर एक ही परिवार के दो लोग लगातार प्रधान बने हुए हैं, जिससे समाज का विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। बैठक में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस मौके पर रामकुमार उर्फ अली शेर (प्रधान, वल्लभभाई पटेल संगठन), सुभाष चावड़ा (सचिव), माया देवी गुर्जर (महिला अध्यक्ष – हरियाणा, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा), सतीश गुर्जर, सूरज भान धड़कस, प्रदीप चौहान, रवि मासी, सुभाष मासी, बलबीर मासी मौजूद रहे। इसके अलावा मुकेश मासी, कुलदीप, रवीन्द्र, करणसिंह रानोलिया, चंदू कटारिया, शमशेर सिंह अरोड़ा, उदल वर्मा, सुभाष मौजूद रहे। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से मांग की गई कि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा समाज बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

