गयाजी के वार्ड-29 और 36 पर नए निर्माण पर रोक:बिना नक्शा बने मकानों पर चलेगा नगर निगम का डंडा, जर्जर इमारतों को नोटिस जारी

गयाजी के वार्ड-29 और 36 पर नए निर्माण पर रोक:बिना नक्शा बने मकानों पर चलेगा नगर निगम का डंडा, जर्जर इमारतों को नोटिस जारी

गयाजी नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण और जर्जर भवनों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम के आयुक्त गगन कुमार ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ​आयुक्त गगन कुमार ने बताया कि योजना क्षेत्र के तहत आने वाले वार्ड नंबर 29 और 36 में नए निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इन इलाकों में किसी भी तरह का नक्शा पास नहीं किया जा रहा है। निगम प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और आम लोगों को इस आदेश की पूरी जानकारी दे दी गई है। इसके बावजूद यदि कोई बिना अनुमति के निर्माण कार्य करता है। तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ​20 फीट सड़क पर अवैध निर्माण करने वालों की बनेगी सूची ​अवैध निर्माण को चिह्नित करने के लिए विशेष एजेंसी को काम सौंपा गया है। विशेष रूप से 20 फीट चौड़ी सड़कों पर बिना नक्शा पास कराए बनाए गए मकानों को चिह्नित किया जा रहा है। नगर निगम में हर बुधवार को होल्डिंग टैक्स को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। इस बैठक में एजेंसी और निगम के अधिकारी शामिल होते हैं। इसमें यह तय किया जाता है कि अगर किसी ने गलती से बिना नक्शा पास कराए मकान बना लिया है तो उससे नियमानुसार टैक्स वसूलने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाए। ​दिल्ली हादसे के बाद जर्जर भवनों पर नजर ​देश की राजधानी दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे के बाद गया नगर निगम भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर पितृपक्ष मेला क्षेत्र और आसपास की जर्जर इमारतों का विशेष सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और वास्तुविदों (आर्किटेक्ट्स) की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। ​सर्वेक्षण के दौरान पहाड़ पर स्थित और सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरनाक पाए गए दो निजी मकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया गया है। मकान मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे या तो स्वयं इन जर्जर हिस्सों को हटा लें, अन्यथा नगर निगम प्रशासन इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा। ​ऐतिहासिक और पुरातात्विक इमारतों की होगी घेराबंदी ​नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। ऐसी इमारतों की सुरक्षा के लिए लोहे की जाली और बैरिकेडिंग लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। विद्युत विभाग के साथ समन्वय बनाकर बिजली आपूर्ति बाधित करते हुए सुरक्षित तरीके से जाली लगाने की प्रक्रिया रविवार से ही जारी है। इसके साथ ही सतत निगरानी के लिए स्थानीय पुलिस व एसएसपी के साथ बैठक कर संबंधित थाना अध्यक्षों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। ​आवास में व्यावसायिक गतिविधि पर लगेगा व्यावसायिक टैक्स ​आगामी पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखते हुए पंडा समाज और स्थानीय लोगों के उन मकानों की भी जांच की जा रही है, जहां तीर्थयात्री ठहरते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों का हवाला देते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि यदि किसी आवासीय भवन का उपयोग व्यावसायिक कार्यों या तीर्थयात्रियों को ठहराने के लिए किया जा रहा है, तो मकान मालिक को आवासीय के बजाय कमर्शियल रेट से होल्डिंग टैक्स का भुगतान करना होगा। इसके लिए भी भवनों के चिह्निकरण का काम तेजी से चल रहा है। गयाजी नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण और जर्जर भवनों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम के आयुक्त गगन कुमार ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ​आयुक्त गगन कुमार ने बताया कि योजना क्षेत्र के तहत आने वाले वार्ड नंबर 29 और 36 में नए निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इन इलाकों में किसी भी तरह का नक्शा पास नहीं किया जा रहा है। निगम प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और आम लोगों को इस आदेश की पूरी जानकारी दे दी गई है। इसके बावजूद यदि कोई बिना अनुमति के निर्माण कार्य करता है। तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ​20 फीट सड़क पर अवैध निर्माण करने वालों की बनेगी सूची ​अवैध निर्माण को चिह्नित करने के लिए विशेष एजेंसी को काम सौंपा गया है। विशेष रूप से 20 फीट चौड़ी सड़कों पर बिना नक्शा पास कराए बनाए गए मकानों को चिह्नित किया जा रहा है। नगर निगम में हर बुधवार को होल्डिंग टैक्स को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। इस बैठक में एजेंसी और निगम के अधिकारी शामिल होते हैं। इसमें यह तय किया जाता है कि अगर किसी ने गलती से बिना नक्शा पास कराए मकान बना लिया है तो उससे नियमानुसार टैक्स वसूलने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाए। ​दिल्ली हादसे के बाद जर्जर भवनों पर नजर ​देश की राजधानी दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे के बाद गया नगर निगम भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर पितृपक्ष मेला क्षेत्र और आसपास की जर्जर इमारतों का विशेष सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और वास्तुविदों (आर्किटेक्ट्स) की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। ​सर्वेक्षण के दौरान पहाड़ पर स्थित और सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरनाक पाए गए दो निजी मकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया गया है। मकान मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे या तो स्वयं इन जर्जर हिस्सों को हटा लें, अन्यथा नगर निगम प्रशासन इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा। ​ऐतिहासिक और पुरातात्विक इमारतों की होगी घेराबंदी ​नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। ऐसी इमारतों की सुरक्षा के लिए लोहे की जाली और बैरिकेडिंग लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। विद्युत विभाग के साथ समन्वय बनाकर बिजली आपूर्ति बाधित करते हुए सुरक्षित तरीके से जाली लगाने की प्रक्रिया रविवार से ही जारी है। इसके साथ ही सतत निगरानी के लिए स्थानीय पुलिस व एसएसपी के साथ बैठक कर संबंधित थाना अध्यक्षों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। ​आवास में व्यावसायिक गतिविधि पर लगेगा व्यावसायिक टैक्स ​आगामी पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखते हुए पंडा समाज और स्थानीय लोगों के उन मकानों की भी जांच की जा रही है, जहां तीर्थयात्री ठहरते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों का हवाला देते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि यदि किसी आवासीय भवन का उपयोग व्यावसायिक कार्यों या तीर्थयात्रियों को ठहराने के लिए किया जा रहा है, तो मकान मालिक को आवासीय के बजाय कमर्शियल रेट से होल्डिंग टैक्स का भुगतान करना होगा। इसके लिए भी भवनों के चिह्निकरण का काम तेजी से चल रहा है।  

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