कानपुर में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) में गुरुवार को 91वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्चुअल संबोधित किया। उन्होंने चीनी उद्योग से गन्ने के पारंपरिक उपयोग से आगे बढ़कर स्वास्थ्य से जुड़े उत्पाद, एनर्जी ड्रिंक और एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एल्कोहल का उत्पादन कम करने की दिशा में काम करना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती है। इसके स्थान पर गन्ने से ऐसे उत्पाद तैयार किए जाएं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हों। भारत को नशामुक्त बनाने पर काम करने की जरूरत- राज्यपाल राज्यपाल ने कहा कि देश तेजी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में अगले 5 से 10 सालों में भारत को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। इसके लिए नशामुक्ति अभियान के साथ स्वस्थ भारत अभियान को भी गति देनी होगी। गन्ने से बनाएं स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद राज्यपाल ने कहा कि एक ओर लोग एल्कोहल से बने उत्पादों का सेवन करते हैं और दूसरी ओर बीमार होने पर अस्पतालों में भर्ती होते हैं। महंगे इलाज के कारण लोगों की कमाई का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च हो जाता है। इसलिए गन्ने से ऐसे उत्पाद विकसित करने पर जोर दिया जाना चाहिए, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हों। उन्होंने गन्ने का उत्पादन बढ़ाने और उससे बनने वाले उत्पादों में विविधता लाने की आवश्यकता बताई। साथ ही एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे देश की आय में बढ़ेगी और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने से मानव और पशुओं के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है। महिला गन्ना किसानों को भी मिले सम्मान समारोह में अलग-अलग राज्यों से आए किसानों को सम्मानित किए जाने पर राज्यपाल ने खुशी जताई, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि सम्मानित किसानों में कोई महिला शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले साल गन्ना उत्पादन में योगदान देने वाली महिला किसानों को भी सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने और उनके अनुभवों को सामने लाने की जरूरत है। उन्होंने संस्थान में शोध कर रहीं छात्राओं को भी सम्मानित करने को कहा। राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं को प्रोत्साहन मिलने से वह शोध और तकनीकी क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए प्रेरित होंगी और संस्थान के साथ देश का नाम रोशन करेंगी। राज्यपाल बोलीं- एनएसआई की जानकारी नहीं राज्यपाल ने कहा कि एनएसआई को स्थापित हुए 90 वर्ष से अधिक हो चुके हैं। वह दस से अधिक बार कानपुर आ चुकी हैं, लेकिन उन्हें संस्थान में होने वाले कार्यों और उसके योगदान की जानकारी नहीं थी। उन्होंने 23 अक्टूबर को प्रस्तावित कानपुर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि समय मिलने पर वह संस्थान का भ्रमण करेंगी। इस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों से मुलाकात कर यहां चल रहे शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों को समझेंगी। किसान समृद्ध होंगे, तभी देश समृद्ध होगा समारोह में सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर की शैक्षणिक पहचान को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध होंगे, तभी देश समृद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में एनएसआई जैसे तकनीकी और शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विधायक नीलिमा कटियार ने संस्थान को कानपुर का गौरव बताते हुए कहा कि चीनी, एथेनॉल और ऊर्जा के क्षेत्र में एनएसआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चीनी उद्योग को 200 से अधिक तकनीकी परामर्श एनएसआई की निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने संस्थान की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि पिछले पेराई सत्र में चीनी उद्योग को 200 से अधिक तकनीकी परामर्श और सलाह सेवाएं दी गईं। इससे उद्योग की तकनीकी समस्याओं के समाधान, उत्पादन प्रक्रिया में सुधार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने में सहायता मिली। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत फिजी की शुगर कॉरपोरेशन और ड्राई शुगर इंडिया के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के चीनी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। पर्यावरण संरक्षण पर जोर समारोह के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के चार्टर 2.0 पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की गई। इसमें चीनी मिलों से निकलने वाले प्रदूषित पानी और अपशिष्ट के उपचार तथा पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण पर चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और मनकापुर स्थित चीनी मिलों में नए चार्टर के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं। कार्यक्रम में चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय के निदेशक अरविंद कुमार रावत भी मौजूद रहे। 13 किसानों और सात पूर्व छात्रों को सम्मान स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न राज्यों से आए 13 किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों में अचल कुमार मिश्रा, कौशल कुमार मिश्रा, बिंजू यादव, शैलेन्द्र कुमार, संजीव वालिया, कुलदीप सिंह, बसप्पा यालगोन, महावीर पाटिल, रमेश अप्पन्ना अवती, उपेंद्र कौरव, रामेश्वर पटेल, भोला शंकर सिंह और सुनील खलखो शामिल रहे। पूर्व छात्रों को मिला ‘शर्करा श्री’ सम्मान इसके अलावा एनएसआई के सात पूर्व छात्रों को उनके योगदान के लिए ‘शर्करा श्री’ सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित पूर्व छात्रों में योगेश कुमार सिंह, बृज मोहन, डॉ. अशोक कुमार, आर. नंदा कुमार, वी. सुब्बू रथिनम, के.के. बाजपेयी और राजीव नयन शामिल हैं। समारोह में चीनी उद्योग के विकास, तकनीकी नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों एवं युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

