मंत्री सिलावट बोले, शहर-गांव में बिजली सप्लाई में भेदभाव क्यों:सीएस बोले-गुजरात से बात हुई,इसी हफ्ते सप्लाई कंट्रोल में होगी; सीएम ने कहा-एक-दो दिन में दिखेंगे परिणाम

मंत्री सिलावट बोले, शहर-गांव में बिजली सप्लाई में भेदभाव क्यों:सीएस बोले-गुजरात से बात हुई,इसी हफ्ते सप्लाई कंट्रोल में होगी; सीएम ने कहा-एक-दो दिन में दिखेंगे परिणाम

मध्य प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर अब सरकार के भीतर भी खींचतान शुरू हो गई है। मंत्री शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं। गुरुवार को कैबिनेट के बाद हुई ऊर्जा विभाग की बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट में खुलकर आरोप लगाया कि शहर एवं गांव की सप्लाई में भेदभाव किया जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि गांवों में लोगों को पर्याप्त बिजली क्यों नहीं मिल रही है? मंत्री करण सिंह वर्मा समेत अन्य मंत्रियों ने भी बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी और शिकायतें मिलने की बात कही। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बिजली की मांग बढ़ने और सप्लाई में अंतर आने की वजह बताते हुए कहा कि इस साल अचानक गर्मी बढ़ने और रबी सीजन की बोनी शुरू होने से बिजली की मांग बढ़ी है। अधिकारियों का दावा था कि बिजली की आपूर्ति की जा रही है, हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दिक्कतें हैं। इस पर सिलावट ने सवाल उठाया कि जब शहरों में परेशानी नहीं है, तो गांवों में बिजली की समस्या क्यों बनी हुई है? गुजरात और यूपी से बिजली लेने की तैयारी बिजली संकट पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि गुजरात से बातचीत हुई है और इसी हफ्ते से बिजली की सप्लाई काफी हद तक नियंत्रण में आ जाएगी। गुजरात और उत्तर प्रदेश से बिजली की उपलब्धता को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। दरअसल, नवरात्र के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बढ़ने से विधायक और मंत्री भी परेशान हैं। क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मिल रही शिकायतों के चलते मंत्रियों ने पिछली कैबिनेट बैठक में भी लगातार बिजली सप्लाई नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इस बार ऊर्जा विभाग के प्रेजेंटेशन के दौरान भी यही सवाल उठा। सीएम बोले- एक-दो दिन में दिखेंगे अच्छे परिणाम कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस साल बारिश जल्दी थमने और कुल बारिश कम होने के कारण बिजली सप्लाई पर असर पड़ा है। धान की बोनी देर से होने के कारण जिलों में बिजली की मांग बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली संकट दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। गुजरात और सरदार सरोवर से 800 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसके अलावा पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी बिजली लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो दिन में इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। राकेश सिंह बोले- जबलपुर क्षेत्र की अपेक्षा दूर होगी कैबिनेट में जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जबलपुर को पहले कोई बड़ी सौगात नहीं मिली और महाकौशल क्षेत्र को पिछड़ा बताया जाता रहा है। राकेश सिंह ने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के साथ भविष्य में जबलपुर को और भी प्रोजेक्ट मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की अपेक्षाएं पूरी हो सकेंगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *