गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद (आईएएस) ने बुधवार सुबह राघोपुर बांध का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। राघोपुर बांध के निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने मौके पर मौजूद मुख्य अभियंता को बांध के कमजोर और संवेदनशील हिस्सों को चिह्नित कर वहां जरूरत के अनुसार तत्काल जियो बैग और ईसी बैग लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में बांध की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। 24 घंटे इंजीनियर और मजदूर रहेंगे तैनात प्रभारी सचिव ने बांध पर चौबीसों घंटे इंजीनियरों और मजदूरों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को जलस्तर के साथ-साथ बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि बांध में कहीं रिसाव, कटाव, दबाव या अन्य किसी तरह के खतरे के संकेत मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित अभियंताओं और कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता जांची बांध का निरीक्षण करने के बाद प्रभारी सचिव सामुदायिक रसोई पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने रसोई में भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और रसोई की व्यवस्था पर संतोष जताया। राहत व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं हो प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया, ताकि बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठा सके। तैयारियों से जुड़ी कुछ और तस्वीरें… गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद (आईएएस) ने बुधवार सुबह राघोपुर बांध का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। राघोपुर बांध के निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने मौके पर मौजूद मुख्य अभियंता को बांध के कमजोर और संवेदनशील हिस्सों को चिह्नित कर वहां जरूरत के अनुसार तत्काल जियो बैग और ईसी बैग लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में बांध की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। 24 घंटे इंजीनियर और मजदूर रहेंगे तैनात प्रभारी सचिव ने बांध पर चौबीसों घंटे इंजीनियरों और मजदूरों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को जलस्तर के साथ-साथ बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि बांध में कहीं रिसाव, कटाव, दबाव या अन्य किसी तरह के खतरे के संकेत मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित अभियंताओं और कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता जांची बांध का निरीक्षण करने के बाद प्रभारी सचिव सामुदायिक रसोई पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने रसोई में भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और रसोई की व्यवस्था पर संतोष जताया। राहत व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं हो प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया, ताकि बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठा सके। तैयारियों से जुड़ी कुछ और तस्वीरें…

