इटावा के इकदिल थाना क्षेत्र के पक्का बाग स्थित धन्वंतरी अस्पताल में बुधवार सुबह इलाज के दौरान डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को खून चढ़ाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी। कई बार बुलाने के बावजूद डॉक्टर और स्टाफ समय पर उसे देखने नहीं पहुंचे। बच्चे की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर विरोध जताया और डॉक्टर नवीन मिश्रा समेत अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतक की पहचान रुद्रांश (डेढ़ साल), पुत्र अदम सिंह सेंगर, निवासी भूरेपुर कला, थाना अजीतमल, जिला औरैया के रूप में हुई है। उसकी बुधवार सुबह करीब 8 बजे मौत हुई। रात 12 बजे चढ़ाया गया था खून परिजनों के मुताबिक, रुद्रांश को बुखार और जुकाम की शिकायत होने पर धन्वंतरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि डॉक्टर ने बच्चे में खून की कमी बताते हुए खून की व्यवस्था करने को कहा था। आरोप है कि डॉक्टर के बताए स्थान से पांच हजार रुपये में खून लाया गया। इसके बाद रात करीब 12 बजे बच्चे को खून चढ़ाया गया। परिजनों का दावा है कि खून चढ़ने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और उसका शरीर नीला पड़ने लगा। कई बार बुलाने पर भी नहीं पहुंचे डॉक्टर मासूम की मां अंशु समेत अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की हालत बिगड़ने पर उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों को कई बार बुलाया, लेकिन समय पर कोई उसे देखने नहीं पहुंचा। परिजनों का कहना है कि समय रहते उचित उपचार मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बच्चे की गंभीर हालत के बावजूद उसे एसएनसीयू में भर्ती कराने या किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की व्यवस्था नहीं की गई। डॉक्टर ने बताया सडन डेथ, जांच की मांग डॉक्टर नवीन मिश्रा ने बच्चे की मौत को सडन डेथ बताया। उनके मुताबिक, बच्चे में खून की कमी थी और इसी वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। वहीं, परिजनों ने खून संक्रमित होने की आशंका जताई है। हालांकि, खून संक्रमित था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

