करवा चौथ कल, सुहागिनें रखेंगी निर्जल व्रत:राजस्थान में धौलपुर में सबसे पहले और बाड़मेर में सबसे आखिर में दिखेगा चांद

करवा चौथ कल, सुहागिनें रखेंगी निर्जल व्रत:राजस्थान में धौलपुर में सबसे पहले और बाड़मेर में सबसे आखिर में दिखेगा चांद

सुहागिनों का प्रमुख पर्व करवा चौथ गुरुवार को मनाया जाएगा। महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जल-निराहार व्रत रखेंगी। रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित करने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलेंगी। जयपुर में चंद्रोदय रात 8:23 बजे होने की संभावना है। राजस्थान में सबसे पहले धौलपुर में रात 8:14 बजे और सबसे आखिर में बाड़मेर में रात 8:44 बजे चंद्रमा नजर आएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया- इस बार करवा चौथ पर लक्ष्मीनारायण राजयोग, शुक्रादित्य योग और बुधादित्य योग बन रहे हैं। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे और मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। तुला राशि में सूर्य, शुक्र और बुध की युति से त्रिग्रह योग भी बनेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों को पूजा-पाठ और दांपत्य जीवन के लिए शुभ माना जाता है। शाम 5:38 से 6:56 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया- चतुर्थी तिथि की शुरुआत 28 अक्टूबर की रात 1:07 बजे होगी। उदया तिथि के आधार पर करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं करवा माता की पूजा कर सकती हैं और व्रत कथा सुन सकती हैं। पूजा की थाली में रखें ये सामग्री करवा चौथ की पूजा के लिए मिट्टी का करवा या कलश, पूजा की थाली, जल का लोटा, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की तस्वीर, धूप-अगरबत्ती, दीपक, घी या तेल, रुई की बत्तियां, रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत, फूल, माला, लाल चुनरी, मिठाई, फल और प्रसाद रखें। इसके साथ साफ जल, गंगाजल, चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए जल से भरा पात्र, करवा सजाने की सामग्री, करवा चौथ की कथा की पुस्तक और पूजा के लिए आसन भी रखें। छलनी से चांद देखकर खोलेंगी व्रत करवा चौथ पर चंद्रमा निकलने के बाद महिलाएं चंद्रदेव के दर्शन करेंगी। इसके बाद चंद्रमा को जल अर्पित कर पूजा करेंगी। परंपरा के अनुसार, छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखा जाता है। इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोला जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छलनी से चंद्रमा और पति का चेहरा देखने की परंपरा सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र की कामना से जुड़ी है। सरगी से शुरू होगा व्रत करवा चौथ पर सरगी खाने की परंपरा है। सूर्योदय से पहले सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे और भोजन शामिल होते हैं। इसके साथ सुहाग से जुड़ी सामग्री और वस्त्र भी दिए जाते हैं। महिलाएं सरगी खाने के बाद व्रत शुरू करती हैं और दिनभर निर्जल-निराहार रहती हैं। गर्भवती महिलाएं निर्जल व्रत रखने से बचें गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ पर निर्जल व्रत रखने से बचना चाहिए। लंबे समय तक भोजन और पानी नहीं लेने से कमजोरी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। गर्भावस्था में व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। करवा चौथ पर किन चीजों का दान करना शुभ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर सुहागिन महिलाओं को मेहंदी, महावर, लाल चुनरी और सुहाग से जुड़ी अन्य सामग्री का दान करना शुभ माना जाता है। महिलाएं पूजा के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य भी करती हैं। मान्यता है कि इससे सुख-सौभाग्य और परिवार की खुशहाली बनी रहती है।
शिव-पार्वती और गणेशजी का भी होगा पूजन
करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय की पूजा का भी विधान है। महिलाएं पूजा के दौरान पति की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करेंगी। पूजा के बाद व्रत कथा सुनी जाएगी। महिलाएं एक-दूसरे को सुहाग से जुड़ी चीजें भेंट करेंगी और बड़ों का आशीर्वाद लेंगी।

राजस्थान में कहां कितने बजे दिखेगा चांद राजस्थान में अलग-अलग जिलों में चंद्रोदय के समय में अंतर रहेगा। धौलपुर में सबसे पहले रात 8:14 बजे चंद्रमा दिखाई देगा, जबकि बाड़मेर में सबसे आखिर में रात 8:44 बजे चांद नजर आने की संभावना है। जयपुर में रात 8:23 बजे चंद्रोदय होगा। महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगी। अजमेर – 8:29 PM
अलवर – 8:17 PM
बालोतरा – 8:40 PM
बांसवाड़ा – 8:37 PM
बारां – 8:25 PM
बाड़मेर – 8:44 PM
ब्यावर – 8:32 PM
भरतपुर – 8:15 PM
भीलवाड़ा – 8:32 PM
बीकानेर – 8:30 PM
बूंदी – 8:26 PM
चित्तौड़गढ़ – 8:33 PM
चूरू – 8:24 PM
दौसा – 8:20 PM
डीग – 8:15 PM धौलपुर – 8:14PM
डीडवाना-कुचामन – 8:26 PM
डूंगरपुर – 8:40 PM
हनुमानगढ़ – 8:21 PM
जयपुर – 8:23 PM
जैसलमेर – 8:43 PM
जालौर – 8:39 PM
झालावाड़ – 8:27 PM
झुंझुनूं – 8:21 PM
जोधपुर – 8:36 PM
करौली – 8:19 PM
खैरथल-तिजारा – 8:16 PM
कोटा – 8:27 PM
कोटपूतली-बहरोड़ – 8:19 PM
नागौर – 8:30 PM
पाली – 8:36 PM
फलोदी – 8:36 PM
राजसमंद – 8:36 PM
सलूंबर – 8:37 PM
सवाई माधोपुर – 8:23 PM
सीकर – 8:22 PM
सिरोही – 8:40 PM
टोंक – 8:25 PM
उदयपुर – 8:38 PM

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