अडाणी पोर्ट्स का जुलाई-सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 18% बढ़कर ₹3,682 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी समय यह ₹3,120 करोड़ था। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में भी 24% का उछाल आया है और यह ₹9,167 करोड़ से बढ़कर ₹11,340 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ने की सबसे बड़ी वजह देश-विदेश के बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और समुद्री कारोबार में आया उछाल है। कंपनी का EBITDA 23% बढ़कर ₹6,807 करोड़ पहुंचा तिमाही नतीजों में कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹6,807 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹5,550 करोड़ था। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के नतीजे बिजनेस बढ़ाने के लिए ₹17,000 करोड़ तक खर्च करेगी कंपनी अडाणी पोर्ट्स ने इस साल अपने कारोबार बढ़ाने के बजट को ₹3,000 करोड़ बढ़ा दिया है। अब कंपनी पूरे साल में विस्तार पर कुल ₹15,000 से ₹17,000 करोड़ खर्च करेगी। कंपनी का लक्ष्य साल 2031 तक देश-विदेश में अपने पोर्ट्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को काफी बड़ा बनाना है, जिसके लिए वह नए बंदरगाहों और जहाजों पर तेजी से पैसा लगा रही है। पिछले 6 महीनों में अपने मुख्य कामकाज से कंपनी के पास ₹13,327 करोड़ का कैश आया है। इस कमाई में से कंपनी ने ₹10,521 करोड़ नए प्रोजेक्ट्स और बिजनेस को बड़ा करने में लगा दिए हैं। इतना बड़ा खर्च करने के बाद भी कंपनी के पास ₹12,502 करोड़ कैश सुरक्षित रखा है। कर्ज की स्थिति सुरक्षित: कंपनी की सालाना कमाई के मुकाबले उसका कर्ज 1.8 गुना है, जो इतने बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस के लिहाज से काफी सुरक्षित और कंट्रोल में माना जाता है। शेयर में फ्लैट कारोबार, इस साल 20% चढ़ा नतीजों के बाद अडाणी पोर्ट्स का शेयर ₹1,756 पर कारोबार कर रहा था। इस भाव पर कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर ₹4.05 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। शेयर ने इस साल 20.1% का रिटर्न दिया है। इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 में 12.9% की गिरावट आई है, यानी शेयर ने बाजार के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। CEO बोले- निवेश लक्ष्य में बढ़ोतरी, कर्ज नियंत्रण में अडाणी पोर्ट्स के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि कंपनी सही वित्तीय अनुशासन के साथ तेी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही शानदार रही है, जहां भारतीय बंदरगाहों के साथ-साथ विदेशी पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और समुद्री कारोबार भी ग्रोथ के बड़े इंजन बन चुके हैं। पहली छमाही के इस बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी ने पूरे साल के कमाई, EBITDA और निवेश के लक्ष्यों को बढ़ा दिया है। पिछले दो सालों में कंपनी ने ₹30,346 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया है, जिसके बावजूद उसका बैलेंस शीट बेहद मजबूत है और कर्ज नियंत्रण में है। देश का सबसे बड़ा पोर्ट्स ऑपरेटर है अडाणी पोर्ट्स अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) भारत की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनी है। इसके पास कुल 20 बंदरगाह और टर्मिनल हैं। इनमें से 16 भारत में और 4 विदेश में है। विदेशी टर्मिनल इजराइल, तंजानिया, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया में स्थित हैं। भारत के कुल समुद्री माल का लगभग 27% हिस्सा अकेले अडाणी पोर्ट्स ही संभालता है। फिलहाल इसकी सालाना माल संभालने की क्षमता 671 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 1 अरब मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है। गौतम अडाणी ने 1998 में स्थापित की थी कंपनी अडाणी पोर्ट्स के फाउंडर और चेयरमैन गौतम अडाणी हैं। उन्होंने 1998 में इस कंपनी को स्थापित किया था। गौतम अडाणी के बेटे करण अडाणी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता हैं। कंपनी में 1900 से ज्यादा एम्प्लॉइज काम करते हैं।
अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 18% बढ़कर ₹3,682 करोड़ हुआ:दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 24% बढ़ा; इस साल शेयर ने 20% का रिटर्न दिया

