खगड़िया जिले में ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत अब तक करीब 2.5 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई है, 2,49,203 स्क्रीनिंग दर्ज की गई हैं। इससे ग्रामीण व दूरदराज के लोगों को घर के पास सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच व इलाज की सुविधा मिल रही है। यह अभियान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एपीएचसी, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल और सदर अस्पताल में चल रहा है। जिलाधिकारी विक्रम वीरकर व सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य टीमें सेवाएं दे रही हैं। मरीजों को इलाज और फॉलोअप से जोड़ना उद्देश्य आंकड़ों के मुताबिक, 2,41,705 लोगों की हाई ब्लड प्रेशर और 2,39,494 की डायबिटीज जांच हुई है। मुंह, स्तन व गर्भाशय ग्रीवा कैंसर समेत अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग जारी है। एक व्यक्ति की कई बीमारियों की जांच संभव है। चिन्हित मरीजों को डॉक्टरी सलाह, इलाज व जरूरत के हिसाब से बड़े अस्पतालों में भेजा जा रहा है। अभियान का मकसद बीमारी पहचान कर मरीजों को इलाज व फॉलोअप से जोड़ना है। यह उन लोगों तक सेवाएं पहुंचा रहा है, जो दूरी या जानकारी की कमी से नियमित जांच नहीं करा पाते। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेश चंद्र और जिला लेखा प्रबंधक रंजीत कुमार अभियान के संचालन में समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं एनसीडी पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार और जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमलता जोशी तकनीकी संचालन, रिपोर्टिंग और प्रगति की निगरानी में सक्रिय हैं। अभियान में कार्यक्रम पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, चिकित्सकों, बीएचएम, बीसीएम, एमएंडई टीम, लेखापाल, सीएचओ, जीएनएम, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता है। विभाग का कहना है कि सामूहिक प्रयास से गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार को लेकर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है। खगड़िया जिले में ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत अब तक करीब 2.5 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई है, 2,49,203 स्क्रीनिंग दर्ज की गई हैं। इससे ग्रामीण व दूरदराज के लोगों को घर के पास सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच व इलाज की सुविधा मिल रही है। यह अभियान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एपीएचसी, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल और सदर अस्पताल में चल रहा है। जिलाधिकारी विक्रम वीरकर व सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य टीमें सेवाएं दे रही हैं। मरीजों को इलाज और फॉलोअप से जोड़ना उद्देश्य आंकड़ों के मुताबिक, 2,41,705 लोगों की हाई ब्लड प्रेशर और 2,39,494 की डायबिटीज जांच हुई है। मुंह, स्तन व गर्भाशय ग्रीवा कैंसर समेत अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग जारी है। एक व्यक्ति की कई बीमारियों की जांच संभव है। चिन्हित मरीजों को डॉक्टरी सलाह, इलाज व जरूरत के हिसाब से बड़े अस्पतालों में भेजा जा रहा है। अभियान का मकसद बीमारी पहचान कर मरीजों को इलाज व फॉलोअप से जोड़ना है। यह उन लोगों तक सेवाएं पहुंचा रहा है, जो दूरी या जानकारी की कमी से नियमित जांच नहीं करा पाते। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेश चंद्र और जिला लेखा प्रबंधक रंजीत कुमार अभियान के संचालन में समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं एनसीडी पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार और जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमलता जोशी तकनीकी संचालन, रिपोर्टिंग और प्रगति की निगरानी में सक्रिय हैं। अभियान में कार्यक्रम पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, चिकित्सकों, बीएचएम, बीसीएम, एमएंडई टीम, लेखापाल, सीएचओ, जीएनएम, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता है। विभाग का कहना है कि सामूहिक प्रयास से गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार को लेकर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है।

