नालंदा में बुधवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ हुआ। आगामी 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ की ओर से किया गया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पूरी निष्ठा और सच्ची खेल भावना के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। डीडीसी ने यह भी दोहराया कि जिला प्रशासन जिले की होनहार प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव संसाधन, मंच और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। उद्घाटन सत्र में जिला खेल पदाधिकारी-सह-भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी, शारीरिक शिक्षक, कोच और बड़ी संख्या में स्थानीय खेलप्रेमी उपस्थित रहे। 24 स्पर्धाओं में बालक-बालिकाएं दिखाएंगे कौशल जिला खेल पदाधिकारी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस साल प्रतियोगिता को लेकर छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह है। जिले भर के विभिन्न विद्यालयों और खेल क्लबों से लगभग 4,000 बालक और बालिका खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। इस महाकुंभ में कुल 24 खेल स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें से 18 विधाओं के मुकाबले पहले दिन से ही विभिन्न मैदानों पर शुरू हो गए हैं, जबकि शेष स्पर्धाएं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार चरणबद्ध रूप से संपन्न होंगी। पहले दिन एथलेटिक्स, कबड्डी और फुटबॉल में दिखा रोमांच प्रतियोगिता के पहले दिन एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसी प्रमुख स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने पूरे दमखम और ऊर्जा के साथ उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन किया। आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए निष्पक्ष चयन के उद्देश्य से तकनीकी पदाधिकारियों और अनुभवी निर्णायकों की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा सभी मैदानों पर खिलाड़ियों की सुविधा के लिए प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नालंदा में बुधवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ हुआ। आगामी 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ की ओर से किया गया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पूरी निष्ठा और सच्ची खेल भावना के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। डीडीसी ने यह भी दोहराया कि जिला प्रशासन जिले की होनहार प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव संसाधन, मंच और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। उद्घाटन सत्र में जिला खेल पदाधिकारी-सह-भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी, शारीरिक शिक्षक, कोच और बड़ी संख्या में स्थानीय खेलप्रेमी उपस्थित रहे। 24 स्पर्धाओं में बालक-बालिकाएं दिखाएंगे कौशल जिला खेल पदाधिकारी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस साल प्रतियोगिता को लेकर छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह है। जिले भर के विभिन्न विद्यालयों और खेल क्लबों से लगभग 4,000 बालक और बालिका खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। इस महाकुंभ में कुल 24 खेल स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें से 18 विधाओं के मुकाबले पहले दिन से ही विभिन्न मैदानों पर शुरू हो गए हैं, जबकि शेष स्पर्धाएं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार चरणबद्ध रूप से संपन्न होंगी। पहले दिन एथलेटिक्स, कबड्डी और फुटबॉल में दिखा रोमांच प्रतियोगिता के पहले दिन एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसी प्रमुख स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने पूरे दमखम और ऊर्जा के साथ उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन किया। आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए निष्पक्ष चयन के उद्देश्य से तकनीकी पदाधिकारियों और अनुभवी निर्णायकों की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा सभी मैदानों पर खिलाड़ियों की सुविधा के लिए प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

