मऊ के किसानों को आगामी रबी फसल की बुवाई के लिए शासन की ओर से अनुदान पर विभिन्न फसलों के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए कृषि विभाग ने कुल 13,995 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उप कृषि निदेशक मऊ ने किसानों से अपील की है कि वे समय से ऑनलाइन बुकिंग कराकर बीज प्राप्त करना सुनिश्चित करें, ताकि रबी की बुवाई प्रभावित न हो। 13,995 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य कृषि विभाग के अनुसार, निर्धारित लक्ष्य में गेहूं के 13,010 क्विंटल, चना के 201.6 क्विंटल, मटर के 86 क्विंटल और सरसों के सात क्विंटल बीज शामिल हैं। इन बीजों का वितरण विभाग में पंजीकृत किसानों को ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर किया जा रहा है। सामान्य रूप से बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जबकि कुछ फसलों की प्रजातियों के अनुसार अधिक अनुदान का प्रावधान है। कुछ प्रजातियों पर 75 से 100 प्रतिशत तक अनुदान शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, चना और मटर की आठ वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों के बीज पर 75 प्रतिशत तथा 10 वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों पर 50 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है। वहीं, मसूर की आठ वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों पर 100 प्रतिशत और 10 वर्ष से कम पुरानी प्रजातियों पर 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इन पोर्टल पर करें ऑनलाइन बुकिंग उप कृषि निदेशक ने बताया कि बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर अपने किसान पंजीकरण के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करानी अनिवार्य है। इसके लिए किसान कृषि दर्शन पोर्टल या उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय से बुकिंग नहीं कराने पर बीज प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है, जिससे रबी फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है। समस्या होने पर कृषि अधिकारियों से करें संपर्क ऑनलाइन बुकिंग में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान अपने संबंधित विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) अथवा प्रभारी राजकीय कृषि गोदाम से संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कर लें और आगामी रबी सीजन की बुवाई की तैयारी सुनिश्चित करें।

