किशनगंज में भगवान विश्वकर्मा प्रतिमा का विसर्जन शांतिपूर्ण संपन्न:गाजे-बाजे के साथ दी गई विदाई, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे

किशनगंज में भगवान विश्वकर्मा प्रतिमा का विसर्जन शांतिपूर्ण संपन्न:गाजे-बाजे के साथ दी गई विदाई, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे

किशनगंज के जिले भर में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा विसर्जन का दौर शांतिपूर्ण और भक्तिमय माहौल में संपन्न हो गया। जिले भर में हजारों प्रतिमाओं को स्थापित किया गया था। औद्योगिक प्रतिष्ठानों, गैरेजों, फैक्ट्रियों और निर्माण स्थलों पर दो दिनों तक चली भव्य पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने शुक्रवार शाम को श्रद्धापूर्वक भगवान विश्वकर्मा को अंतिम विदाई दी। शुक्रवार शाम से ही जिले के प्रमुख चौक-चौराहों से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल युवाओं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और “भगवान विश्वकर्मा की जय” के जयकारे लगाते हुए लोग नाचते-गाते चल रहे थे। पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। प्रतिमाओं को जलाशयों में किया विसर्जित विभिन्न पूजा समितियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं को स्थानीय नदी घाटों और जलाशयों में विसर्जित किया गया। विसर्जन के दौरान भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। विसर्जन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थलों और प्रमुख विसर्जन घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की मुस्तैदी के कारण जिले के सातों प्रखंडों में विसर्जन का कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। किशनगंज के जिले भर में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा विसर्जन का दौर शांतिपूर्ण और भक्तिमय माहौल में संपन्न हो गया। जिले भर में हजारों प्रतिमाओं को स्थापित किया गया था। औद्योगिक प्रतिष्ठानों, गैरेजों, फैक्ट्रियों और निर्माण स्थलों पर दो दिनों तक चली भव्य पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने शुक्रवार शाम को श्रद्धापूर्वक भगवान विश्वकर्मा को अंतिम विदाई दी। शुक्रवार शाम से ही जिले के प्रमुख चौक-चौराहों से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल युवाओं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और “भगवान विश्वकर्मा की जय” के जयकारे लगाते हुए लोग नाचते-गाते चल रहे थे। पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। प्रतिमाओं को जलाशयों में किया विसर्जित विभिन्न पूजा समितियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं को स्थानीय नदी घाटों और जलाशयों में विसर्जित किया गया। विसर्जन के दौरान भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। विसर्जन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थलों और प्रमुख विसर्जन घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की मुस्तैदी के कारण जिले के सातों प्रखंडों में विसर्जन का कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है।  

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