तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के. चंद्रशेखर राव(केसीआर) को बिहारी बताया है। आरोप लगाते हुए कहा कि वे तेलंगाना को लूटने के लिए बिहार से आए थे। निजामों ने तेलंगाना पर लंबे समय तक शासन किया और जाते समय अपनी संपत्तियां यहीं छोड़ गए। बाद में एक परिवार ने उन संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। सिर्फ एक परिवार ने इसे लूटने की कोशिश की। हम यहां ऐसी किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे। बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा रेवंत रेड्डी के बयान पर बिहार में सियासी घमासान मच गया है। सत्ताधारी दल बीजेपी और जेडीयू ने निशाना साधा है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि यह कांग्रेसी मानसिकता को दिखाता है। कांग्रेसी मानसिकता विदेशी डीएनए का है। यह केसीआर के बारे में बोल रहे हैं, वह भारतीय डीएनए है। इस देश में केवल एक डीएनए है वह भारत का डीएनए है। तेजस्वी यादव को जवाब देना चाहिए जदयू प्रवक्ता महेश दास ने कहा कि रेवंत रेड्डी जी बिहारी स्वाभिमान का प्रतीक है और वह मेहनती होते हैं। ईमानदारी से अपना कार्य करते हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहां हैं, उनको जवाब देना चाहिए। उनके महागठबंधन के अपने नेता बिहारी के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। आरजेडी ने किया पलटवार तेलंगान सीएम के बयान पर आरजेडी और कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी केसीआर के बहाने बिहार और बिहारियों का अपमान मत कीजिए। अगर बिहारी के लिए बेहतर कार्य नहीं कर सकते हैं तो उनके संबंध में इस तरह की भाषा का प्रयोग न कीजिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भी घेरा कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने रेवंत रेड्डी के बयान को घटिया बताया है। उन्होंने कहा कि यह उसी तरह से घटिया है, जिस तरह से प्रधानमंत्री का बयान नीतीश कुमार के डीएनए को लेकर दिया गया था। कांग्रेस पार्टी रेवंत रेड्डी के इस बयान से बहुत ही आहत महसूस कर रही है। रेवंत रेड्डी और केसीआर के बीत आरोप-प्रत्यारोप रेवंत रेड्डी सरकार पहले भी KCR परिवार से जुड़े जमीन और संपत्ति के मामलों की जांच को लेकर आक्रामक रुख अपनाती रही है। सरकार की ओर से कुछ मामलों में जांच के आदेश भी दिए गए हैं। केसीआर की पार्टी BRS इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के. चंद्रशेखर राव(केसीआर) को बिहारी बताया है। आरोप लगाते हुए कहा कि वे तेलंगाना को लूटने के लिए बिहार से आए थे। निजामों ने तेलंगाना पर लंबे समय तक शासन किया और जाते समय अपनी संपत्तियां यहीं छोड़ गए। बाद में एक परिवार ने उन संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। सिर्फ एक परिवार ने इसे लूटने की कोशिश की। हम यहां ऐसी किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे। बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा रेवंत रेड्डी के बयान पर बिहार में सियासी घमासान मच गया है। सत्ताधारी दल बीजेपी और जेडीयू ने निशाना साधा है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि यह कांग्रेसी मानसिकता को दिखाता है। कांग्रेसी मानसिकता विदेशी डीएनए का है। यह केसीआर के बारे में बोल रहे हैं, वह भारतीय डीएनए है। इस देश में केवल एक डीएनए है वह भारत का डीएनए है। तेजस्वी यादव को जवाब देना चाहिए जदयू प्रवक्ता महेश दास ने कहा कि रेवंत रेड्डी जी बिहारी स्वाभिमान का प्रतीक है और वह मेहनती होते हैं। ईमानदारी से अपना कार्य करते हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहां हैं, उनको जवाब देना चाहिए। उनके महागठबंधन के अपने नेता बिहारी के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। आरजेडी ने किया पलटवार तेलंगान सीएम के बयान पर आरजेडी और कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी केसीआर के बहाने बिहार और बिहारियों का अपमान मत कीजिए। अगर बिहारी के लिए बेहतर कार्य नहीं कर सकते हैं तो उनके संबंध में इस तरह की भाषा का प्रयोग न कीजिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भी घेरा कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने रेवंत रेड्डी के बयान को घटिया बताया है। उन्होंने कहा कि यह उसी तरह से घटिया है, जिस तरह से प्रधानमंत्री का बयान नीतीश कुमार के डीएनए को लेकर दिया गया था। कांग्रेस पार्टी रेवंत रेड्डी के इस बयान से बहुत ही आहत महसूस कर रही है। रेवंत रेड्डी और केसीआर के बीत आरोप-प्रत्यारोप रेवंत रेड्डी सरकार पहले भी KCR परिवार से जुड़े जमीन और संपत्ति के मामलों की जांच को लेकर आक्रामक रुख अपनाती रही है। सरकार की ओर से कुछ मामलों में जांच के आदेश भी दिए गए हैं। केसीआर की पार्टी BRS इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।

