बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी चौक के पास नवरात्र के दौरान आयोजित एक जागरण कार्यक्रम में डांस कर रही महिला को दरोगा अनिल कुमार ने मंच पर चढ़कर थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद भीड़ आक्रोशित हो गई और दरोगा से धक्का मुक्की कर दी। इसके बाद दरोगा ने पिस्टल निकाली और भीड़ पर तान दी। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। मामले बढ़ने पर एसपी ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया। डांसर पर सवाल उठाए जाने लगे कि वह अश्लीलता परोस रही थी। जिसके बाद डांसर नैना ने एक वीडियो जारी किया है। अपने ऊपर और अन्य कलाकारों पर लग रहे अश्लीलता के गंभीर आरोपों का कड़ा विरोध किया है। इस वीडियो में नैना ने न सिर्फ अपनी बात रखी है, बल्कि उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया है जो कलाकारों को निशाना बनाते हैं। ‘कोई अश्लीलता नहीं फैलाई जा रही थी’ डांसर नैना ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वहां किसी भी प्रकार की कोई अश्लीलता नहीं फैलाई जा रही थी। वह एक सामान्य हिंदी गाना था, जिस पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। अगर किसी भी व्यक्ति को उस समय या उस कार्यक्रम से किसी भी प्रकार की कोई समस्या या आपत्ति थी, तो उन्हें आयोजक कमेटी से संपर्क करना चाहिए था। लोग कमेटी से बात कर सकते थे या फिर आवश्यकता पड़ने पर गाने को बंद करवा सकते थे। लेकिन ऐसा उचित रास्ता अपनाने के बजाय सीधे कलाकारों को कठघरे में खड़ा कर दिया गया। उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए… ‘गंभीर मुद्दों पर कोई बात क्यों नहीं करता’ नैना ने कहा कि आज के दौर में यह एक आम चलन बन गया है कि हर छोटी-बड़ी बात के लिए कलाकारों को ही दोषी मान लिया जाता है। यह प्रचारित किया जाता है कि समाज में सारी अश्लीलता कलाकारों की वजह से ही फैल रही है। क्या समाज में इसके अलावा और कोई बुराई या गंदगी नहीं है। समाज की वास्तविकताओं का हवाला देते हुए कहा कि आज हमारे समाज में इससे कहीं अधिक भयानक और शर्मनाक अपराध प्रतिदिन हो रहे हैं। आज के समय में रिश्तों की पवित्रता तार-तार हो रही है। चार साल की मासूम बच्चियों तक को नहीं बख्शा जा रहा है। यहां तक कि नवजात बच्चियों के साथ भी हैवानियत की हदें पार की जा रही है। क्या समाज में इससे बड़ी कोई अश्लीलता और गंदगी हो सकती है। अगर हां, तो इन गंभीर मुद्दों पर कोई खुलकर बात क्यों नहीं करता। ‘हमारा काम मेहनत से रोटी कमाना है’ नैना ने आगे कहा कि कलाकारों के जीवन और उनके संघर्षों का जिक्र करते हुए नैना ने कहा कि हम सभी कलाकार अपने घर-परिवार को पीछे छोड़कर, अपनी जान को जोखिम में डालकर काम करते हैं। हर पल एक बड़ा रिस्क उठाकर काम करने के लिए निकलते हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य मेहनत की रोटी कमाना और अपने परिवार का भरण-पोषण करना होता है। कलाकार अपनी कला दिखाने और दो पैसे कमाने के लिए मंच पर जाते हैं, न कि समाज में किसी प्रकार की गंदगी फैलाने। लेकिन कुछ लोग अपना दायरा चमकाने के लिए केवल कलाकारों को ही निशाना बनाते हैं। ‘समाज से सिर्फ तिरस्कार ही मिलता है’ डांसर नैना ने आगे कहा कि कई बार ऐसा होता है कि विरोधियों या असामाजिक तत्वों द्वारा कलाकारों पर हमले कर दिए जाते हैं, उन्हें धमकियां दी जाती है। शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में यदि किसी कलाकार के साथ कोई दुर्घटना या अनहोनी हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। कलाकार अपनी जान की बाजी लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। इसके बदले उन्हें समाज से सिर्फ तिरस्कार, उपेक्षा और झूठे आरोप ही मिलते हैं। अब समय आ गया है कि सभी कलाकार आपस में लड़ने-झगड़ने के बजाय एकजुट हो। ‘सभी को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है’ नैना ने अपील करते हुए कहा कि सभी कलाकारों को मिलकर एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। कलाकार अपनी मेहनत का कमाते हैं और अपना खाते हैं। वे किसी के समाज का मुफ्त का नहीं खाते हैं, उनका घर कोई समाज नहीं चलाता है। इसलिए कलाकारों को भी एक सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार है। फिलहाल नैना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी चौक के पास नवरात्र के दौरान आयोजित एक जागरण कार्यक्रम में डांस कर रही महिला को दरोगा अनिल कुमार ने मंच पर चढ़कर थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद भीड़ आक्रोशित हो गई और दरोगा से धक्का मुक्की कर दी। इसके बाद दरोगा ने पिस्टल निकाली और भीड़ पर तान दी। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। मामले बढ़ने पर एसपी ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया। डांसर पर सवाल उठाए जाने लगे कि वह अश्लीलता परोस रही थी। जिसके बाद डांसर नैना ने एक वीडियो जारी किया है। अपने ऊपर और अन्य कलाकारों पर लग रहे अश्लीलता के गंभीर आरोपों का कड़ा विरोध किया है। इस वीडियो में नैना ने न सिर्फ अपनी बात रखी है, बल्कि उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया है जो कलाकारों को निशाना बनाते हैं। ‘कोई अश्लीलता नहीं फैलाई जा रही थी’ डांसर नैना ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वहां किसी भी प्रकार की कोई अश्लीलता नहीं फैलाई जा रही थी। वह एक सामान्य हिंदी गाना था, जिस पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। अगर किसी भी व्यक्ति को उस समय या उस कार्यक्रम से किसी भी प्रकार की कोई समस्या या आपत्ति थी, तो उन्हें आयोजक कमेटी से संपर्क करना चाहिए था। लोग कमेटी से बात कर सकते थे या फिर आवश्यकता पड़ने पर गाने को बंद करवा सकते थे। लेकिन ऐसा उचित रास्ता अपनाने के बजाय सीधे कलाकारों को कठघरे में खड़ा कर दिया गया। उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए… ‘गंभीर मुद्दों पर कोई बात क्यों नहीं करता’ नैना ने कहा कि आज के दौर में यह एक आम चलन बन गया है कि हर छोटी-बड़ी बात के लिए कलाकारों को ही दोषी मान लिया जाता है। यह प्रचारित किया जाता है कि समाज में सारी अश्लीलता कलाकारों की वजह से ही फैल रही है। क्या समाज में इसके अलावा और कोई बुराई या गंदगी नहीं है। समाज की वास्तविकताओं का हवाला देते हुए कहा कि आज हमारे समाज में इससे कहीं अधिक भयानक और शर्मनाक अपराध प्रतिदिन हो रहे हैं। आज के समय में रिश्तों की पवित्रता तार-तार हो रही है। चार साल की मासूम बच्चियों तक को नहीं बख्शा जा रहा है। यहां तक कि नवजात बच्चियों के साथ भी हैवानियत की हदें पार की जा रही है। क्या समाज में इससे बड़ी कोई अश्लीलता और गंदगी हो सकती है। अगर हां, तो इन गंभीर मुद्दों पर कोई खुलकर बात क्यों नहीं करता। ‘हमारा काम मेहनत से रोटी कमाना है’ नैना ने आगे कहा कि कलाकारों के जीवन और उनके संघर्षों का जिक्र करते हुए नैना ने कहा कि हम सभी कलाकार अपने घर-परिवार को पीछे छोड़कर, अपनी जान को जोखिम में डालकर काम करते हैं। हर पल एक बड़ा रिस्क उठाकर काम करने के लिए निकलते हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य मेहनत की रोटी कमाना और अपने परिवार का भरण-पोषण करना होता है। कलाकार अपनी कला दिखाने और दो पैसे कमाने के लिए मंच पर जाते हैं, न कि समाज में किसी प्रकार की गंदगी फैलाने। लेकिन कुछ लोग अपना दायरा चमकाने के लिए केवल कलाकारों को ही निशाना बनाते हैं। ‘समाज से सिर्फ तिरस्कार ही मिलता है’ डांसर नैना ने आगे कहा कि कई बार ऐसा होता है कि विरोधियों या असामाजिक तत्वों द्वारा कलाकारों पर हमले कर दिए जाते हैं, उन्हें धमकियां दी जाती है। शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में यदि किसी कलाकार के साथ कोई दुर्घटना या अनहोनी हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। कलाकार अपनी जान की बाजी लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। इसके बदले उन्हें समाज से सिर्फ तिरस्कार, उपेक्षा और झूठे आरोप ही मिलते हैं। अब समय आ गया है कि सभी कलाकार आपस में लड़ने-झगड़ने के बजाय एकजुट हो। ‘सभी को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है’ नैना ने अपील करते हुए कहा कि सभी कलाकारों को मिलकर एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। कलाकार अपनी मेहनत का कमाते हैं और अपना खाते हैं। वे किसी के समाज का मुफ्त का नहीं खाते हैं, उनका घर कोई समाज नहीं चलाता है। इसलिए कलाकारों को भी एक सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार है। फिलहाल नैना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।

