मधुबनी जिले के सदर अस्पताल, मधुबनी में स्वास्थ्यकर्मी, उनके परिजन और सुरक्षा गार्ड के बीच हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। स्थिति के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी-अपनी बात रखी। सिविल सर्जन ने मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है। महिला सुरक्षाकर्मी और नर्स के पति के बीच शुरू हुआ विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल के मुख्य द्वार पर ड्यूटी कर रही एक महिला सुरक्षा गार्ड और अल्ट्रासाउंड केंद्र में कार्यरत स्टाफ नर्स के पति के बीच विवाद शुरू हुआ। महिला गार्ड ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान भीड़ में स्टाफ नर्स के पति उनके पैर को कुचलते हुए आगे बढ़ने लगे। इस पर विरोध जताने पर उन्होंने गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की। महिला गार्ड के अनुसार, विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया।वहीं, सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के दौरान भी विवाद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि स्टाफ नर्स और उनके परिजन सिविल सर्जन से मिलने की मांग करते हुए वहां पहुंच गए। स्टाफ नर्स ने दिया सिविल सर्जन को आवेदन इस दौरान पुरुष सुरक्षा गार्ड के साथ भी उनके परिजनों द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर, स्टाफ नर्स सरिता कुमारी ने सिविल सर्जन को दिए गए आवेदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह ड्यूटी पर थीं। इसी दौरान हो-हल्ला सुनकर बाहर निकलीं तो देखा कि उनके पति के साथ मारपीट की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही घटना को लेकर अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। दोनों पक्षों ने सिविल सर्जन के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मधुबनी जिले के सदर अस्पताल, मधुबनी में स्वास्थ्यकर्मी, उनके परिजन और सुरक्षा गार्ड के बीच हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। स्थिति के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी-अपनी बात रखी। सिविल सर्जन ने मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है। महिला सुरक्षाकर्मी और नर्स के पति के बीच शुरू हुआ विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल के मुख्य द्वार पर ड्यूटी कर रही एक महिला सुरक्षा गार्ड और अल्ट्रासाउंड केंद्र में कार्यरत स्टाफ नर्स के पति के बीच विवाद शुरू हुआ। महिला गार्ड ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान भीड़ में स्टाफ नर्स के पति उनके पैर को कुचलते हुए आगे बढ़ने लगे। इस पर विरोध जताने पर उन्होंने गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की। महिला गार्ड के अनुसार, विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया।वहीं, सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के दौरान भी विवाद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि स्टाफ नर्स और उनके परिजन सिविल सर्जन से मिलने की मांग करते हुए वहां पहुंच गए। स्टाफ नर्स ने दिया सिविल सर्जन को आवेदन इस दौरान पुरुष सुरक्षा गार्ड के साथ भी उनके परिजनों द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर, स्टाफ नर्स सरिता कुमारी ने सिविल सर्जन को दिए गए आवेदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह ड्यूटी पर थीं। इसी दौरान हो-हल्ला सुनकर बाहर निकलीं तो देखा कि उनके पति के साथ मारपीट की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही घटना को लेकर अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। दोनों पक्षों ने सिविल सर्जन के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

