कानपुर के कल्याणपुर के पाल स्वीट हाउस में दो महीने काम करने के बाद अपनी बकाया तनख्वाह मांगना एक बुजुर्ग को भारी पड़ गया। आरोप है कि स्वीट हाउस संचालक ने 18 हजार रुपये की तनख्वाह के बजाय महज चार हजार रुपये दिए और विरोध करने पर मारपीट कर दुकान से निकाल दिया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद दूसरी दुकान पर काम शुरू करने पर संचालक उसे लगातार धमकाने लगा। परेशान बुजुर्ग शुक्रवार को डीसीपी पश्चिम कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रोते हुए न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ने डीसीपी से लगाई न्याय की गुहार पीड़ित धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक, उसने कल्याणपुर स्थित पाल स्वीट हाउस में करीब दो महीने काम किया था। इस दौरान उसकी 18 हजार रुपये तनख्वाह बनी थी। आरोप है कि जब उसने संचालक जितेंद्र पाल से बकाया रकम मांगी तो उसे सिर्फ चार हजार रुपये दिए गए। बाकी रकम मांगने पर उसके साथ मारपीट की गई और दुकान से निकाल दिया गया। धर्मेंद्र का आरोप है कि नौकरी छूटने के बाद उसने दूसरी दुकान पर काम शुरू कर दिया। इससे नाराज पाल स्वीट हाउस संचालक उस पर दोबारा अपने यहां काम करने का दबाव बनाने लगा। पीड़ित के मुताबिक, संचालक ने उसे धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर उसके साथ फिर मारपीट की गई। दरोगा पर भी लगाया रिश्तेदारी का आरोप पीड़ित ने आईआईटी पुलिस चौकी में तैनात एक उपनिरीक्षक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि संबंधित दरोगा पाल स्वीट हाउस संचालक का रिश्तेदार है। इसी वजह से उसकी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। धर्मेंद्र का आरोप है कि उल्टा उसे ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। डीसीपी पश्चिम कार्यालय पहुंचे बुजुर्ग ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी बोले मामले जांच कर कार्रवाई की जाएगी कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया की मामले में जाँचकर कार्रवाई की जायेगी पीड़ित डीसीपी ऑफिस गया था उनसे मुलाक़ात नहीं हुई है अगर किसी पर आरोप लगा है तो जाँचकर कार्रवाई की जायेगी।

