उज्जैन में त्योहारों के बीच साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शहर और जिले में छह अलग-अलग मामलों में छह लोगों से कुल ₹6 लाख 41 हजार 384 रुपए की धोखाधड़ी हुई है। इनमें चिमनगंज मंडी थाने के दो, खाराकुआं थाने के तीन और खाचरौद थाने का एक मामला शामिल है। ठगों ने कहीं क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और कहीं गैस कनेक्शन बंद होने का झांसा दिया। वहीं, एक किसान को परिचित बनकर बच्ची के बीमार होने की बात कहकर रुपए ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस ने सभी मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्रेडिट कार्ड के नाम पर ₹1.39 लाख की ठगी चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी विहार कॉलोनी निवासी नीरज साहू एक ऑयल कंपनी में सेल्स ऑफिसर हैं। 28 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को आरबीएल क्रेडिट कार्ड कंपनी का कर्मचारी बताया और कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए ओटीपी बताने को कहा। नीरज ने फोन काट दिया, लेकिन कुछ देर बाद उनके क्रेडिट कार्ड से ₹1 लाख 34 हजार 507 और ₹5,400 कटने के मैसेज आए। इस तरह कुल ₹1 लाख 39 हजार 907 रुपए निकल गए। इस दौरान उनका मोबाइल कुछ समय के लिए हैंग हो गया था। नीरज ने बैंक पहुंचकर कार्ड लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। शिक्षक से ₹2.25 लाख ठगे चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र के श्रीवीर नगर निवासी विष्णु सिंह पवार शासकीय शिक्षक हैं। 12 अक्टूबर की सुबह उनके मोबाइल पर गैस कनेक्शन बंद होने का वॉट्सऐप मैसेज आया। मैसेज में दिए नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले ने बिल अपडेट नहीं होने की बात कही। इसके बाद शिक्षक के मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेजी गई और ₹10 की पेनल्टी जमा करने के लिए डेबिट कार्ड से प्रक्रिया करने को कहा गया। इस दौरान उनके मोबाइल पर बैंक के ओटीपी आने लगे। कुछ देर बाद बैंक ऑफ इंडिया के खाते से दो बार में ₹2 लाख और ₹25 हजार कट गए। ठगी का पता चलने पर उन्होंने कार्ड ब्लॉक कराया और 1930 पर शिकायत की। तीन लोगों से ₹2.11 लाख की धोखाधड़ी खाराकुआं थाना क्षेत्र में दर्ज तीन मामलों में पटनी बाजार निवासी आदित्य कसेरा से ₹97,600, इब्राहिम कॉलोनी निवासी सुजाउद्दीन से ₹85 हजार और रामप्रसाद भार्गव मार्ग निवासी रिजवान से ₹28,977 की धोखाधड़ी हुई। इन मामलों में ऑनलाइन वित्तीय ठगी की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उपलब्ध जानकारी में ठगी के तरीके का विस्तृत ब्योरा नहीं है। परिचित बनकर किसान से मांगे रुपए खाचरौद थाना क्षेत्र के ग्राम दुपड़ावदा निवासी किसान गिरधारी पाटीदार को 22 सितंबर की शाम एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को अर्जुन बताते हुए अपनी बच्ची के बीमार होने की बात कही और फोन-पे के जरिए रुपए भेजने को कहा। गिरधारी ने उसे उज्जैन में रहने वाला अपना परिचित समझकर ₹65 हजार ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन उसी नंबर से और रुपए मांगे गए, तब उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की और बाद में थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। अनजान फाइल डाउनलोड न करने की सलाह छह मामलों में कुल ₹6 लाख 41 हजार 384 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस ने सभी मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लोगों से अपील की गई है कि अनजान कॉल पर ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। गैस कनेक्शन या बैंक सेवा के नाम पर भेजी गई अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। परिचित बनकर रुपए मांगने वाले व्यक्ति की पहचान फोन करके सुनिश्चित करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।

