प्रतापगढ़ में अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी अंकिता दुबे की अदालत ने गुरुवार को अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सुभाष सरोज को दोषी मानते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। आरोपी रानीगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। 30 जून को पीड़िता के अपहरण का आरोप अभियोजन पक्ष के मुताबिक, वादिनी की बहन की बेटी पीड़िता उसके घर आई थी। 30 जून को दिन में सुभाष सरोज पर पीड़िता का अपहरण करने का आरोप लगा। पीड़िता की तलाश के दौरान उसके परिवार वालों को धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई। वादी ने पीड़िता के अपहरण में आरोपी के दो भाइयों के शामिल होने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने दाखिल किया था आरोप पत्र पुलिस ने मामले की जांच के बाद सुभाष सरोज के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 8 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों और सबूतों के आधार पर फैसला अदालत ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर सुभाष सरोज को दोषी माना। इसके बाद कोर्ट ने उसे 10 साल कैद और 35 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। राज्य की ओर से एडीजीसी अजय कुमार पांडेय ने पैरवी की।

