जिला परिषद सदस्य का आत्मदाह का प्रयास,खुद पर डाला केरोसिन:बक्सर में आवंटित 70 करोड़ की राशि खर्च नहीं की; पुलिस वाहन घेरा

जिला परिषद सदस्य का आत्मदाह का प्रयास,खुद पर डाला केरोसिन:बक्सर में आवंटित 70 करोड़ की राशि खर्च नहीं की; पुलिस वाहन घेरा

बक्सर में जिला परिषद सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक सदस्य ने अपने ऊपर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, विकास योजनाओं की राशि खर्च नहीं किए जाने और लंबे समय से लंबित भुगतानों के विरोध में जिला परिषद सदस्य प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी मुद्दे पर उप विकास आयुक्त के साथ बैठक भी चल रही थी। बैठक के दौरान जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने अचानक अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। देखें,मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… कलेक्ट्रेट परिसर में तनावपूर्ण माहौल घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। राजीव कुमार को हिरासत में लिए जाने से नाराज अन्य जिला परिषद सदस्य प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विकास योजनाओं और भुगतान से जुड़े मामलों में प्रशासन लगातार उदासीन रवैया अपना रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। सदस्यों ने वाहन को रोकने की कोशिश की विवाद उस समय और बढ़ गया जब पुलिस राजीव कुमार को वाहन से लेकर जाने लगी। इस दौरान कई जिला परिषद सदस्यों ने वाहन को रोकने की कोशिश की और उसके सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ देर तक परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर रास्ता खाली कराया और वाहन को वहां से रवाना किया। जिला परिषद सदस्यों ने जताई नाराजगी प्रदर्शनकारी सदस्यों ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की। इस आरोप को लेकर भी जिला परिषद सदस्यों ने नाराजगी जताई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। कई विकास कार्यों का भुगतान भी लंबित जिला परिषद सदस्यों का आरोप है कि जिले में विकास योजनाओं के लिए आवंटित 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अब तक खर्च नहीं की गई है। साथ ही पूर्व में पूर्ण कराए गए कई विकास कार्यों का भुगतान भी लंबित है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इसी मांग को लेकर जिला परिषद सदस्य पूर्व में भी अनिश्चितकालीन धरना दे चुके हैं। उस समय एमएलसी चुनाव की आचार संहिता का हवाला देकर धरना समाप्त कराया गया था। बावजूद इसके समस्याओं का समाधान नहीं होने से सदस्यों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की उपेक्षापूर्ण कार्यशैली से उठाया कदम घटना के बाद जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी ने कहा कि विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि जनता के टैक्स का पैसा है, जिसका उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राशि खर्च नहीं होने और भुगतान लंबित रहने से विकास कार्य ठप पड़ रहे हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई इस मामले में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बैठक में व्यस्तता का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। बक्सर में जिला परिषद सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक सदस्य ने अपने ऊपर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, विकास योजनाओं की राशि खर्च नहीं किए जाने और लंबे समय से लंबित भुगतानों के विरोध में जिला परिषद सदस्य प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी मुद्दे पर उप विकास आयुक्त के साथ बैठक भी चल रही थी। बैठक के दौरान जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने अचानक अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। देखें,मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… कलेक्ट्रेट परिसर में तनावपूर्ण माहौल घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। राजीव कुमार को हिरासत में लिए जाने से नाराज अन्य जिला परिषद सदस्य प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विकास योजनाओं और भुगतान से जुड़े मामलों में प्रशासन लगातार उदासीन रवैया अपना रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। सदस्यों ने वाहन को रोकने की कोशिश की विवाद उस समय और बढ़ गया जब पुलिस राजीव कुमार को वाहन से लेकर जाने लगी। इस दौरान कई जिला परिषद सदस्यों ने वाहन को रोकने की कोशिश की और उसके सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ देर तक परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर रास्ता खाली कराया और वाहन को वहां से रवाना किया। जिला परिषद सदस्यों ने जताई नाराजगी प्रदर्शनकारी सदस्यों ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की। इस आरोप को लेकर भी जिला परिषद सदस्यों ने नाराजगी जताई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। कई विकास कार्यों का भुगतान भी लंबित जिला परिषद सदस्यों का आरोप है कि जिले में विकास योजनाओं के लिए आवंटित 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अब तक खर्च नहीं की गई है। साथ ही पूर्व में पूर्ण कराए गए कई विकास कार्यों का भुगतान भी लंबित है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इसी मांग को लेकर जिला परिषद सदस्य पूर्व में भी अनिश्चितकालीन धरना दे चुके हैं। उस समय एमएलसी चुनाव की आचार संहिता का हवाला देकर धरना समाप्त कराया गया था। बावजूद इसके समस्याओं का समाधान नहीं होने से सदस्यों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की उपेक्षापूर्ण कार्यशैली से उठाया कदम घटना के बाद जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी ने कहा कि विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि जनता के टैक्स का पैसा है, जिसका उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राशि खर्च नहीं होने और भुगतान लंबित रहने से विकास कार्य ठप पड़ रहे हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई इस मामले में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बैठक में व्यस्तता का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।  

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