औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के सिमरी गांव का एक युवक 5 महीने से लापता है। पत्नी उर्मिला देवी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ पिछले लापता पति की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है। उर्मिला देवी ने बताा कि पति पवन भुइंया 1 नवंबर 2025 को गांव के ही युगेश्वर भुइयां और छतरपुर निवासी ठेकेदार विकास कुमार के साथ काम करने के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए रोजगार की तलाश में बाहर गए थे, लेकिन उनके जाने के बाद से ही संपर्क नहीं हो सका है। कोई पता नहीं चल पाया है। चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई फोन आया और न ही उनके बारे में कोई जानकारी मिल सकी है। इस संबंध में साथ गए लोगों और ठेकेदार से जानकारी लेने की कोशिश की, तो सभी ने अपना पल्ला झाड़ लिया। इससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। पति के अचानक लापता हो जाने से परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। घर वाले किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं। परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है। घर में खाने-पीने तक की समस्या उत्पन्न हो गई है, जबकि छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता को याद कर रोते रहते हैं। एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग उर्मिला देवी ने इस मामले में टंडवा थाना में आवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया कि मामला दूसरे राज्य से जुड़ा हुआ है। इस रवैये से निराश होकर अब उन्होंने वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़िता ने एसपी को भी आवेदन देकर पति की बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदन देकर अपने पति की आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच शुरू नहीं की गई, तो पीड़ित परिवार को न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के सिमरी गांव का एक युवक 5 महीने से लापता है। पत्नी उर्मिला देवी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ पिछले लापता पति की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है। उर्मिला देवी ने बताा कि पति पवन भुइंया 1 नवंबर 2025 को गांव के ही युगेश्वर भुइयां और छतरपुर निवासी ठेकेदार विकास कुमार के साथ काम करने के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए रोजगार की तलाश में बाहर गए थे, लेकिन उनके जाने के बाद से ही संपर्क नहीं हो सका है। कोई पता नहीं चल पाया है। चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई फोन आया और न ही उनके बारे में कोई जानकारी मिल सकी है। इस संबंध में साथ गए लोगों और ठेकेदार से जानकारी लेने की कोशिश की, तो सभी ने अपना पल्ला झाड़ लिया। इससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। पति के अचानक लापता हो जाने से परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। घर वाले किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं। परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है। घर में खाने-पीने तक की समस्या उत्पन्न हो गई है, जबकि छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता को याद कर रोते रहते हैं। एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग उर्मिला देवी ने इस मामले में टंडवा थाना में आवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया कि मामला दूसरे राज्य से जुड़ा हुआ है। इस रवैये से निराश होकर अब उन्होंने वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़िता ने एसपी को भी आवेदन देकर पति की बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदन देकर अपने पति की आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच शुरू नहीं की गई, तो पीड़ित परिवार को न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।


