हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर घर हो। कई लोग इस सपने को पूरा करने के लिए होम लोन लेते हैं। लोन की मंजूरी मिलते ही लगता है कि सबसे बड़ी मुश्किल पार हो गई है। लेकिन असली जिम्मेदारी यहीं से शुरू होती है। लोग होम लोन तो ले लेते हैं, लेकिन उसे सिक्योर करना भूल जाते हैं। कुछ लोग तो ‘होम लोन’ और ‘होम लोन इंश्योरेंस’ को एक ही समझते हैं, जबकि दोनों का उद्देश्य बिल्कुल अलग है। अगर आप होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं या पहले ही ले रखा है, तो यह आर्टिकल आपके काम का है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि- सवाल- होम लोन और होम लोन इंश्योरेंस में क्या अंतर है? जवाब- होम लोन वह फंड है, जो बैंक घर खरीदने या बनाने के लिए उधार देता है, जिसे ब्याज सहित एक निश्चित समय (टेन्योर) में लौटाना होता है। होम लोन इंश्योरेंस एक ‘सुरक्षा कवच’ है। यह लोन लेने वाले शख्स की मृत्यु, गंभीर बीमारी या एक्सिडेंट में डिसेबिलिटी (अपंगता) जैसी स्थिति में फाइनेंशियल सिक्योरिटी देता है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- होम लोन इंश्योरेंस लेने के क्या फायदे हैं? जवाब- होम लोन इंश्योरेंस लॉन्ग टर्म के लिए एक समझदारी भरा फैसला है। ग्राफिक में इसके फायदे देखिए- सवाल- होम लोन इंश्योरेंस कैसे कराएं? जवाब- इसकी प्रोसेस सिंपल है। इसे ग्राफिक के जरिए समझिए- सवाल- होम लोन इंश्योरेंस कितनी तरह का होता है? कौन सा इंश्योरेंस बेहतर है? जवाब- होम लोन इंश्योरेंस दो तरह के होते हैं। रिड्यूसिंग कवर इसमें जैसे-जैसे लोन चुकाया जाता है, फाइनेंस कंपनी की लायबिलिटी (जिम्मेदारी) घटती जाती है। उसके साथ बीमा कवर भी घटता जाता है। यह प्रीमियम के मामले में सस्ता होता है। ‘लेवल कवर’ इसमें पूरे समय बीमा अमाउंट स्टेबल रहता है। उदाहरण के लिए, अगर 50 लाख का लोन है, तो अंत तक 50 लाख का ही कवर रहेगा। फाइनेंशियल नजरिए से ‘लेवल कवर’ बेहतर है, क्योंकि लोन खत्म होने के पास अनहोनी होने पर भी परिवार को एक बड़ी रकम मिल जाती है। सवाल- होम लोन इंश्योरेंस न लेने पर क्या जोखिम हो सकते हैं? जवाब- बिना इंश्योरेंस के होम लोन लेना परिवार के लिए एक बड़ी लायबिलिटी छोड़ने जैसा है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं- सवाल- होम लोन इंश्योरेंस कैसे काम करता है और यह कब एक्टिवेट होता है? जवाब- यह पॉलिसी प्रीमियम के पहले पेमेंट के साथ ही एक्टिवेट हो जाती है। सवाल- क्या बैंक से ही इंश्योरेंस लेना अनिवार्य है? RBI के नियम क्या कहते हैं? जवाब- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, किसी भी बैंक के लिए होम लोन के साथ इंश्योरेंस बेचना ‘अनिवार्य’ करना मना है। सवाल- अगर कर्ज लेने वाले के साथ अनहोनी हो जाए तो क्या इंश्योरेंस कंपनी पूरा लोन चुका देती है? जवाब- यह आपकी पॉलिसी के टाइप पर निर्भर करता है। सवाल- क्या लोन रीफाइनेंस या ट्रांसफर कराने पर भी पुरानी पॉलिसी काम करती है? जवाब- अगर लोन एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर किया जाए तो पुरानी होम लोन इंश्योरेंस पॉलिसी खत्म नहीं होती है। हालांकि, उसका कवरेज पिछले बैंक के बकाया के हिसाब से ही सेट होता है। सवाल- क्या होम लोन इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस में से कोई एक चुनना चाहिए? जवाब- यह एक बहुत अहम सवाल है। ………………
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