Taiwan issue US China: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी दौरे पर है। इस दौरान उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत भी हुई। बैठक के दौरान ताइवान का मुद्दा भी उठा। इस पर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ताइवान का मुद्दा अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
उन्होंने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले को सही तरीके से संभाला गया, तो दोनों देशों के संबंध स्थिर रहेंगे। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो दोनों देशों के बीच टकराव और यहां तक कि संघर्ष भी हो सकता है, जिससे पूरे संबंध गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे।
बता दें कि ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है और कई बार उसे अपने नियंत्रण में लाने की बात कह चुका है।
दूसरी ओर, अमेरिका चीन के ताइवान पर दावे को स्वीकार तो करता है, लेकिन यह साफ नहीं करता कि वह इस दावे का समर्थन करता है या नहीं। साथ ही, अमेरिका लगातार ताइवान को सैन्य सहायता और हथियार उपलब्ध कराता रहा है, ताकि वह अपनी सुरक्षा कर सके। यही लंबे समय से वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव का बड़ा कारण बना हुआ है।
दरअसल, ट्रंप-शी जिपनिंग वार्ता के दौरान यह मुद्दा इसलिए भी प्रमुखता से उठा क्योंकि अमेरिका ताइवान को लगातार हथियार बेच रहा है, जिसे चीन अपने आंतरिक मामलों में दखल मानता है।
ट्रंप ने की जिनपिंग की तारीफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुलाकात के बाद शी जिनपिंग की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आपका दोस्त होना मेरे लिए सम्मान की बात है। वहीं बातचीत के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रेड वॉर में कोई विजेता नही होता है। अमेरिका और चीन की ट्रेड टीमों कीबातचीत में सकारात्मक नतीजे मिले है।
जिनपिंग ने सहयोग पर दिया जोर
चीन के राष्ट्रपति ने बैठक के दौरान अमेरिका और चीन के बीच टकराव नहीं, बल्कि सहयोग पर जोर दिया। शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए।
शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया इस समय सदी में पहली बार दिख रहे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है और वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में चीन और अमेरिका के रिश्तों का स्थिर रहना पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।


