Ice Bath Side Effect: बढ़ती गर्मी के बीच फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील बनाने के चक्कर में लोग बर्फ से भरे टब में नहाने का चैलेंज (Ice Bath Challenge) कर रहे हैं। सुनने में यह बहुत कूल लगता है, लेकिन नार्थ स्टेट जर्नल में कहा गया है कि 60 डिग्री फारेनहाइट से कम तापमान वाले पानी में अचानक डूबने से एक मिनट से भी कम समय में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। आइए जानते हैं कि ये आइस बाथ चैलेंज का नया ट्रेंड क्या है? इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है?
क्या होती है आइस बाथ? (What is Ice Bath)
अब बात आती है कि आइस बाथ है क्या? तो इसको ऐसे समझिए कि एक बड़े से टब या बाथटब में खूब सारा ठंडा पानी भरा जाता है और उसमें ऊपर से ढेर सारी बर्फ की सिल्लियां या टुकड़े डाल दिए जाते हैं। जब पानी का तापमान 10 से 15 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है, तब इंसान को उसमें गले तक डूबकर कुछ मिनट बैठना होता है। इसे कोल्ड वॉटर इमर्शन भी कहते हैं। अक्सर खिलाड़ी मैच के बाद अपनी मांसपेशियों की थकान मिटाने के लिए ऐसा करते हैं, लेकिन अब लोग इसे गर्मी भगाने का तरीका मान रहे हैं।
क्या कहती है रिसर्च?
National Library of Medicine के अनुसार, हमारा शरीर गर्मी में होता है, तो नसें फैली होती हैं। जैसे ही आप अचानक बर्फीले पानी में जाते हैं, नसें एक सेकंड में सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर अचानक इतना बढ़ जाता है कि दिल की धड़कन रुक सकती है। लू के दौरान शरीर पहले से ही अपना तापमान कंट्रोल करने के लिए जूझ रहा होता है। ऐसे में बर्फ का पानी शरीर के थर्मोस्टेट को बिगाड़ देता है, जिससे इंसान बेहोश हो सकता है। अचानक ठंडे पानी के संपर्क में आने से सांस अनियंत्रित हो जाती है, जिससे फेफड़ों में दिक्कत आ सकती है।
सोशल मीडिया का दिखावा और असली हकीकत
लोग एथलीट्स को देखकर आइस बाथ ले रहे हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि खिलाड़ियों का शरीर इसके लिए ट्रेन होता है और वे इसे एक्सपर्ट्स की देखरेख में करते हैं। हीटवेव में आम आदमी के लिए यह शॉक मौत की वजह बन सकता है। गर्मी में शरीर को धीरे-धीरे ठंडा करना चाहिए, न कि झटके से।
कौनसा पानी फायदेमंद?
ओरलियंस फैमिली हेल्थ क्लिनिक के अनुसार, नहाने के लिए बर्फ के बजाय नॉर्मल या हल्का ठंडा पानी इस्तेमाल करें। सीधे सिर पर ठंडा पानी न डालें। पहले पैरों और हाथों को भिगोएं ताकि शरीर तापमान के साथ तालमेल बिठा सके। शरीर को बाहर से ज्यादा अंदर से ठंडा रखने की जरूरत है। खूब पानी और ओआरएस (ORS) पिएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


