गोंडा जिले में बिजली विभाग के एक कैंप के दौरान टेंट न लगाए जाने को लेकर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और एक बड़े बाबू के बीच तीखी बहस हो गई। इस विवाद का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। यह घटना आर्यनगर विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित एक कैंप के दौरान हुई। करनैलगंज के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने आर्यनगर उपकेंद्र में तैनात कार्यकारी सहायक दिग्विजय सिंह को टेंट न लगाने पर फटकार लगाई। आरोप है कि एक्सईएन ने दिग्विजय सिंह से फोन पर धमकी भरे लहजे में बात की और अपशब्दों का भी प्रयोग किया। दोनों अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोंडा बिजली विभाग के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस जांच कमेटी में गोंडा विद्युत कार्य मंडल के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि उपमुख्य लेखाधिकारी बासु ब्रह्म महेंद्र को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह द्वारा कैंप में टेंट की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह नाराज हो गए थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने कथित तौर पर असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। पढ़िए बातचीत के अंश… एक्सईएन: क्या दिग्विजय?
दिग्विजय: जी सर, नमस्ते।
एक्सईएन: सात दिन के लिए कैंप का काम कर लीजिएगा, तब भी तुम लोग ऐसे ही खुले में बैठे हो। टेंट क्यों नहीं लगवाया?
दिग्विजय: टेंट सर… अब यह तो एसडीओ साहब…
एक्सईएन: कितनी देर तक धूप में बैठ पाओगे? अभी थोड़ी देर में धूप निकल आएगी, वहां से भाग लोगे।
दिग्विजय: हम तो दुकान के अंदर बैठे हैं। एक्सईएन: कोई काम कायदे से करना आता है कि नहीं? तुम्हारा ही कैंप एमडी को दिखाऊंगा, फिर जाना बरेली-बदायूं घूमने। मैं ही रिकमेंड करवा दूंगा। तुम लोगों का पूरा दिमाग खराब हो रखा है।
दिग्विजय: सर, इसमें हमारी क्या गलती है? बता दीजिए सर।
एक्सईएन: क्यों गलती नहीं है तुम्हारी? जिम्मेदारी किसकी है? डिवीजन और सब-डिवीजन में बैठकर ज्यादा तेजी मत दिखाना। समझ में आया? क्यों नहीं किया कि टेंट लगना है? किससे कहा तुमने? जेई से, एसडीओ से या किसी और से? जल्दी बताओ।
दिग्विजय: सर, आज से पहले जितने भी कैंप लगे हैं, वो जेई साहब और एसडीओ साहब ने ही लगवाए हैं।
एक्सईएन: तो आज क्यों नहीं कहा कि कैंप में टेंट लगना चाहिए?
दिग्विजय: आज का कैंप गलत नहीं लग रहा है सर। जेई साहब छुट्टी पर हैं।
एक्सईएन: जब मैंने कहा था कि सभी लोग कायदे से कैंप लगाएं, तो तुमने टेंट क्यों नहीं लगवाया?
दिग्विजय: सर, अगर सबसे कहा था तो कैंप में टेंट लगवाने का काम आज तक हमने नहीं किया। यह काम जेई साहब ही कराते हैं।
एक्सईएन: मैंने बैनर बनवाकर दिया था, क्या उसे पिछवाड़े डालने के लिए दिया था? समझ में नहीं आ रहा कि क्या होना है? वहां बड़े-बड़े बाबू बने बैठे हो। सारी बाबूगिरी दो मिनट में निकल जाएगी। यहां से चार आदमी भेज देंगे। अब जेई-एसडीओ का नाम मत लो। टेंट लगवाकर दिखाओ मुझे। नहीं लगा है तो उसे यहां बुलाओ। यहीं बैठेगा। दूसरे दिन लगवा देंगे। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि करनैलगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह द्वारा उनके कार्यालय में तैनात कार्यकारी सहायक अक्षय राठौर के फोन से आर्यनगर विद्युत वितरण उपखंड के कार्यकारी सहायक दिग्विजय सिंह से अमर्यादित ढंग से बातचीत की गई और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता इस व्यवहार से आहत और व्यथित हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी को अमर्यादित ढंग से बातचीत करने या असंसदीय भाषा के प्रयोग की अनुमति नहीं है।


