गया के मानपुर प्रखंड में मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। इसके अलावा बेलागंज प्रखंड में भी शिविर लगा। लखनपुर और चाकन्द में हुए इन शिविरों में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आम जनता की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस, प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी विश्वास स्थापित करना था। लखनपुर, मानपुर में आयोजित शिविर में मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. श्रीमती सफीना ए.एन., मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राशन, पेंशन, पुलिस शिकायतें और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मामले उठाए गए। जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन शुरू कर दिया गया, जबकि अन्य के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाकन्द में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई। यहां भी आयुक्त डॉ. श्रीमती सफीना ए.एन., पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण गया मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीधे संवाद स्थापित कर लोगों की परेशानियां सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम होना अत्यंत आवश्यक है, और ‘सहयोग शिविर’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी समस्या या शिकायत को छिपाने के बजाय प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आम जनता को काफी राहत मिलती है और अधिकारियों तक सीधे पहुंच बनती है। शिविर में अधिकतर लोगों ने भूमि विवाद की मामले से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपे है और कई दर्जनों मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया। दिए गए आवेदन पर जिलाधिकारी ने डीसीएलआर को जांच के निर्देशि दिए है। इसके अलावा जमीन खरीद बिक्री पर लगे रोक पर का भी मामले आए। वहीं, सामाजिक कल्याण योजना, पेंशन, राशन कार्ड, थाने से संबंधित मामले औऱ सरकारी योजनाओं से जुड़े मामले को लेकर आवेदन सौंपा गया। गया के मानपुर प्रखंड में मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। इसके अलावा बेलागंज प्रखंड में भी शिविर लगा। लखनपुर और चाकन्द में हुए इन शिविरों में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आम जनता की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस, प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी विश्वास स्थापित करना था। लखनपुर, मानपुर में आयोजित शिविर में मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. श्रीमती सफीना ए.एन., मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राशन, पेंशन, पुलिस शिकायतें और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मामले उठाए गए। जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन शुरू कर दिया गया, जबकि अन्य के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाकन्द में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई। यहां भी आयुक्त डॉ. श्रीमती सफीना ए.एन., पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण गया मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीधे संवाद स्थापित कर लोगों की परेशानियां सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम होना अत्यंत आवश्यक है, और ‘सहयोग शिविर’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी समस्या या शिकायत को छिपाने के बजाय प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आम जनता को काफी राहत मिलती है और अधिकारियों तक सीधे पहुंच बनती है। शिविर में अधिकतर लोगों ने भूमि विवाद की मामले से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपे है और कई दर्जनों मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया। दिए गए आवेदन पर जिलाधिकारी ने डीसीएलआर को जांच के निर्देशि दिए है। इसके अलावा जमीन खरीद बिक्री पर लगे रोक पर का भी मामले आए। वहीं, सामाजिक कल्याण योजना, पेंशन, राशन कार्ड, थाने से संबंधित मामले औऱ सरकारी योजनाओं से जुड़े मामले को लेकर आवेदन सौंपा गया।


