फर्जी डिग्री, मार्कशीट मामले में SIT ने मंगलवार को 9वीं गिरफ्तारी की है। सोमवार को हत्थे चढ़े गिरोह के सरगना डॉ मनीष के भांजे फरीदाबाद निवासी राघव सर्राफ को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। राघव फरीदाबाद, नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद समेत अन्य स्थानों में घर-घर जाकर डिग्रियां डिलीवरी करने का काम करता था। वह 2020 से फर्जी डिग्री, मार्कशीट सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। सोमवार को पुलिस ने मामा मनीष को भेजा था जेल सोमवार को SIT ने मूलरूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले डॉ मनीष कुमार व उन्नाव के कोचिंग संचालक अर्जुन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मंगलवार को पुलिस ने मनीष के भांजे फरीदाबाद निवासी राघव सर्राफ को अरेस्ट कर लिया। डीसीपी साउथ ने बताया कि 2019 में फर्जी मार्कशीट के गोरखधंधे में मनीष शामिल हुआ था, जिसके बाद 2020 में उसने अपने 12वीं पास भांजे राघव सर्राफ को शामिल कर लिया था। डीसीपी ने बताया कि कानपुर में गिरोह के सदस्य वाट्सएप के जरिए मनीष को मार्कशीट, डिग्री व माइग्रेशन सर्टिफिकेट की डिमांड भेजते थे, जिसपर वह इंदौर के संजय पंजानी के मार्कशीट छापने के लिए देता था, फर्जी मार्कशीट तैयार होने के बाद राघव को उन मार्कशीटों की डिलीवरी का जिम्मा दिया जाता था। डीसीपी साउथ के मुताबिक राघव को दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, साहिबाबाद, फरीदाबाद में मार्कशीट डिलीवरी करनी होती थी। प्रोफेशनल सर्टिफिकेट पहुंचाने के मिलते थे 15 हजार हाईस्कूल से ग्रेजुएशन तक की मार्कशीट पर उसे 10 हजार रुपए व माइग्रेशन व प्रोफेशनल सर्टिफिकेट पर उसे 15 हजार रुपए मिलते थे। आरोपी राघव के पास से लिंग्याज विद्यापीठ फरीदाबाद का एक प्रोविजनल सर्टिफिकेट, आईसीआईसीआई बैंक की दो चेक मिली है। राघव ने बताया कि अब तक वह 65 से ज्यादा मार्कशीट डिलीवर कर चुका है। राघव के मोबाइल से पुलिस को भारी संख्या में मार्कशीट, डिग्री व सर्टिफिकेट मिले हैं। 18 फरवरी को किदवई नगर पुलिस ने की थी छापेमारी डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि 18 फरवरी को किदवई नगर पुलिस ने शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन इंस्टीट्यूट के कार्यालय में छापेमारी कर 14 विश्वविद्यालयों और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट और डिग्री बरामद की थीं। इनमें बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, डीफार्मा, एलएलबी आदि की डिग्री शामिल थीं। इसमें सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र, अश्वनी कुमार सिंह, नोएडा के विनीत और चमनगंज निवासी शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान को जेल भेजा जा चुका है।


