ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर पूरे देश में बुधवार को दवा की दुकानें बंद रहेंगी। इस बंदी का समर्थन वाराणसी दवा विक्रेता समिति ने भी किया है। ऐसे में वाराणसी के थोक और रिटेल की करीब 6000 दुकानें बुधवार को यानी 20 मई को बंद रहेंगी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। यह बंदी ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में की गई है। वाराणसी दवा विक्रेता समिति के महमंत्री और सप्तसागर दवा मंडी के दवा विक्रेता संजय सिंह ने बताया – ऑनलाइन दवा की मार्केट युवाओं को नशे का आदि बना रही है क्योंकि बिना पर्चे के कोई भी दवाएं आसानी से वहां से मंगाई जा सकती है। ऐसे में इसे सरकार को बंद करना होगा। ऑनलाइन फार्मेसियों को नहीं खोलने दिया था आउटलेट दवा का व्यापार करते हैं और सदियों से हमारा परिवार इस व्यापार से जुड़ा हुआ है। पूरे देश में करीब 15 लाख केमिस्ट और वाराणसी में करीब 6 हजार से ऊपर केमिस्ट इस व्यापार से जुड़े हुए हैं। कुछ दिन पहले हमने GSR 217-E का हम लोगों ने विरोद किया था। जिसमें फार्मेसी एक्ट लागू होना था। जिससे हमारे बाजार में ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों की दुकानें खुल जाती। उस समय हम लोगों ने एकजुट होकर विरोध किया था। जिससे वह एक्ट रोक दिया गया था और कोई भी ऑनलाइन फार्मेसी अपना रिटेल आउटलेट नहीं खोल पायी थी। कोरोना काल का उठाया फायदा संजय सिंह ने बताया – कोरोना काल में जब सभी लोग घरों में कैद थे उस समय दवाएं कैसे बीमारों को मिले इसे लेकर मंथन चल रहा था। ड्रग एक्ट में डोर-टू-डोर सप्लाई का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सरकार ने सुविधा के लिए ड्रग एक्ट में संशोधन करते हुए GSR 220-E लाया गया। ताकि दवाओं की सप्लाई डोर-टू-डोर की जा सके। हमने कोरोना काल में दवाएं घर तक पहुंचाई और लोगों को इसका लाभ मिला। हम लोगों ने बहुत सेवा की और घर तक सेवा दी उस वक़्त ऑनलाइन नहीं था हम लोग ही जा रहे थे घर थे। कोरोना खत्म हुआ पर यह एक्ट नहीं खत्म हुआ और मल्टीनेशनल कंपनियों ने इसे अपना हथियार बना लिया और अपने बड़े-बड़े वेयर हॉउस खोलकर ऑनलाइन दवाएं घर तक पहुंचा रही है। युवा पीढ़ी हो रही खराब संजय सिंह ने बताया – इस ऑनलाइन मार्केट से हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। नशे की दवाएं आसानी से ऑनलाइन मंगाई जा रही है। क्योंकि दुकान से लेने पर किसी को भी डॉक्टर का लिखा हुआ पर्चा दिखाना पड़ेगा तभी उसे दवाई मिलेगी पर ऑनलाइन बाजार में कोई पर्चा नहीं दिखाना है और दवा आसानी से कम समय में उपलब्ध भी हो जा रही है। ये धड़ल्ले से मार्केट में इन दवाओं का फ्लो कर रहे हैं। ऑनलाइन ड्रग का कोई ऑडिट नहीं होता वाराणसी में कल की बंदी में 6 हजार से अधिक रिटेल और होलसेल के दूकानदार इसमें हिस्सा ले रहे हैं। एक दिन की बंदी से कुछ हासिल नहीं होता है। लेकिन एक दिन की बंदी से बड़ा संदेश जाएगा। और इस एक्ट का दुरुपयोग बंद हो जाएगा। संजय सिंह ने कहा – हम लोग डीएम से मिले थे उन्होंने कहा – की आप का तो सर्वे ड्रग विभाग कर रहा है लेकिन ऑनलाइन वालों की कोई ऑडिट नहीं होती है और वो लोग पता नहीं कौन सी दवाएं बेच रहे हैं। इमरजेंसी में हर वक्त तैयार रहेंगे दवा विक्रेता दवा की दुकानों के बंद रहने के दौरान इमरजेंसी की क्या व्यवस्था रहेगी के सवाल पर संजय सिंह ने कहा – सभी लोग आश्वस्त रहें। इस बंदी का असर किसीभी इमरजेंसी की दुकानों और अस्पतालों और नर्सिंग होम की दुकानें खुली रहेंगी। इसके आलावा यदि दवा नहीं मिलती तो आज रात 12 बजे से कल रात 12 बजे तक मेरा मोबाइल नंबर – 09336656716 पर काल करके दवा ले सकता है।


