चतरा जिले के सदर थाना क्षेत्र में बस से उतरने के दौरान सिर के बल 32 वर्षीय रीता देवी गिर गई। इस हादसे में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार महिला राज यात्री बस से चतरा से टंडवा लौट रही थीं। सीमा चौक पर बस रुकने के बाद रीता देवी उतर रही थीं। तभी उनका एक पैर अभी पायदान पर ही था कि चालक ने अचानक बस आगे बढ़ा दी। असंतुलित होकर वह सड़क पर सिर के बल गिर पड़ीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। रीता देवी पहले से ही विधवा थी। घटना शनिवार देर शाम की है। रातभर बंद रहा चतरा-सिमरिया रोड घटना से नाराज ग्रामीणों ने देर रात करीब 2 बजे से चतरा-सिमरिया मुख्य पथ को जाम कर दिया। शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम करीब 10 घंटे तक जारी रहा। ग्रामीणों का आरोप था कि बस चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। ऐसे मामलों में अक्सर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। आक्रोश इतना था कि पूरी रात सड़क पर तनाव का माहौल बना रहा। मुआवजे के आश्वासन पर माने ग्रामीण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह सदर प्रखंड के अंचल अधिकारी अनिल कुमार और थाना प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से लंबी वार्ता की। ग्रामीणों की मुख्य मांग मृतका के बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और भविष्य के लिए उचित मुआवजा देने की थी। सीओ अनिल कुमार ने सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित मुआवजा और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त कर दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चतरा जिले के सदर थाना क्षेत्र में बस से उतरने के दौरान सिर के बल 32 वर्षीय रीता देवी गिर गई। इस हादसे में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार महिला राज यात्री बस से चतरा से टंडवा लौट रही थीं। सीमा चौक पर बस रुकने के बाद रीता देवी उतर रही थीं। तभी उनका एक पैर अभी पायदान पर ही था कि चालक ने अचानक बस आगे बढ़ा दी। असंतुलित होकर वह सड़क पर सिर के बल गिर पड़ीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। रीता देवी पहले से ही विधवा थी। घटना शनिवार देर शाम की है। रातभर बंद रहा चतरा-सिमरिया रोड घटना से नाराज ग्रामीणों ने देर रात करीब 2 बजे से चतरा-सिमरिया मुख्य पथ को जाम कर दिया। शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम करीब 10 घंटे तक जारी रहा। ग्रामीणों का आरोप था कि बस चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। ऐसे मामलों में अक्सर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। आक्रोश इतना था कि पूरी रात सड़क पर तनाव का माहौल बना रहा। मुआवजे के आश्वासन पर माने ग्रामीण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह सदर प्रखंड के अंचल अधिकारी अनिल कुमार और थाना प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से लंबी वार्ता की। ग्रामीणों की मुख्य मांग मृतका के बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और भविष्य के लिए उचित मुआवजा देने की थी। सीओ अनिल कुमार ने सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित मुआवजा और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त कर दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


