कैमूर जिले के भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर एक महिला की प्लेटफॉर्म पर गिरने से मौत हो गई। 51 वर्षीय लीलावती देवी अपने नाती के साथ ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंची थीं, तभी यह हादसा हुआ। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। मृतिका की पहचान बेलांव थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी लीलावती देवी के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय विमल तिवारी की पत्नी थीं और वर्तमान में भभुआ शहर की पोस्ट ऑफिस गली में रहती थीं। लीलावती देवी अपने नाती विष्णु तिवारी के साथ टाटा-अमृतसर ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची थीं। जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर सीढ़ी से उतरते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही नाक से खून बहने लगा और वे अचेत हो गईं। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को अनुमंडल अस्पताल मोहनिया पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरपीएफ प्रभारी रामजी लाल बुनकर ने बताया कि परिजनों के लिखित अनुरोध पर शव बिना पोस्टमार्टम के उन्हें सौंप दिया गया है। कैमूर जिले के भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर एक महिला की प्लेटफॉर्म पर गिरने से मौत हो गई। 51 वर्षीय लीलावती देवी अपने नाती के साथ ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंची थीं, तभी यह हादसा हुआ। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। मृतिका की पहचान बेलांव थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी लीलावती देवी के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय विमल तिवारी की पत्नी थीं और वर्तमान में भभुआ शहर की पोस्ट ऑफिस गली में रहती थीं। लीलावती देवी अपने नाती विष्णु तिवारी के साथ टाटा-अमृतसर ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची थीं। जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर सीढ़ी से उतरते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही नाक से खून बहने लगा और वे अचेत हो गईं। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को अनुमंडल अस्पताल मोहनिया पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरपीएफ प्रभारी रामजी लाल बुनकर ने बताया कि परिजनों के लिखित अनुरोध पर शव बिना पोस्टमार्टम के उन्हें सौंप दिया गया है।


