छत्तीसगढ़ की राजधानी में साल 2026 की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। जिला न्यायालय रायपुर समेत प्रदेशभर के सभी न्यायालयों में आयोजित इस लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निराकरण हुआ। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक अदालत का शुभारंभ किया। वही रायपुर में आयोजित इस विशेष अभियान के तहत कुल 17 लाख 5 हजार 200 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन, नगर निगम, ट्रैफिक चालान, राजस्व और पारिवारिक विवादों के प्रकरण शामिल रहे। इन मामलों का निराकरण 70 करोड़ रुपए से अधिक का सेटलमेंट लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को कुल 70 करोड़ 66 लाख 80 हजार 997 रुपए की राशि दिलाई गई। यह राशि समझौते, मुआवजे और विभिन्न मामलों के समाधान के जरिए प्राप्त हुई। इस बार लोक अदालत का आयोजन हाईब्रिड मोड में किया गया। पक्षकारों ने न्यायालय में भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ ऑनलाइन और वर्चुअल माध्यम से भी अपने मामलों का समाधान कराया। ई-चालान और मोहल्ला लोक अदालत को भी मिला अच्छा रिस्पॉन्स यातायात चालानों के समाधान के लिए संबंधित थानों में ई-चालान रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई। इसके साथ ही न्याय तुहर द्वार योजना के तहत खमतराई जोन क्रमांक-1 में आयोजित मोहल्ला लोक अदालत में आयोजित की गई। क्षेत्रवासियों ने बताया कि गुढ़ियारी और भनपुरी की पानी टंकियों के पास टैंकर भरने के दौरान असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। निजी ठेकेदारों के कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत भी सामने आई। लोगों ने कहा कि कई बार पुलिस को सूचना देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश ऋषि कुमार बर्मन ने संबंधित अधिकारियों को पानी टंकियों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी बढ़ाने और संबंधित थानों को सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक अदालत के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। लोक अदालत में खत्म हुआ सास-बहू का तीन साल पुराना विवाद रायपुर विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट मयंक सोनी की समझाइश से 2023 से चल रहा सास-बहू का मारपीट और गाली-गलौज का विवाद नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते से समाप्त हो गया। न्यायाधीश की सलाह पर दोनों पक्षों ने पुरानी कटुता भुलाकर रिश्ते सुधारने का संकल्प लिया। बहू ने भविष्य में विवाद न दोहराने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद दोनों भावुक होकर गले मिलीं और साथ घर लौटीं। गुरुद्वारा समिति ने किया भोजन का प्रबंध इस दौरान लोक आदालत में दूर-दराज से पहुंचे पक्षकारों के लिए गुरुद्वारा धन-धन बाबा साहिब जी, तेलीबांधा के सहयोग से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई, इस दौरान वकील और पक्षकारों ने भी लंगर में एक साथ बैठकर भोजन किया ।


