छत्तीसगढ़ वन विभाग में बदलाव की बयार, 4 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे गए नए दायित्व

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बदलाव की बयार, 4 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे गए नए दायित्व

IFS Officer Transferred: छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर वन प्रबंधन, अनुसंधान, जैव विविधता संरक्षण और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। इस फेरबदल को विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Chhattisgarh Forest Department: कोलेन्द्र कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभार

जारी आदेश के अनुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं मूल्यांकन) कोलेन्द्र कुमार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CSFRTI), रायपुर के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान राज्य में वनों से जुड़े अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आधुनिक वन प्रबंधन तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कोलेन्द्र कुमार को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को विभागीय दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

वन्यजीव प्रबंधन की कमान ओपी यादव को

वन विभाग में एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव के तहत वरिष्ठ अधिकारी ओपी यादव को प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) तथा सह-मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के पद पर पदस्थ किया गया है।

IFS officers Chhattisgarh

राज्य में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अब उनके नेतृत्व में संचालित होगी। छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में हाथी-मानव संघर्ष और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। ऐसे में यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

शालिनी रैना को मिला CAMPA का अतिरिक्त दायित्व

वर्ष 2001 बैच की वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी शालिनी रैना को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CAMPA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वे वन मुख्यालय में प्रशासन, समन्वय, राजपत्रित एवं अराजपत्रित कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन कर रही हैं।

CAMPA (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) राज्य में प्रतिपूरक वनीकरण, वन संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ी परियोजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में शालिनी रैना को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपना विभाग की प्रमुख प्रशासनिक नियुक्तियों में शामिल माना जा रहा है।

वन प्रबंधन को नई दिशा देने की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग में किए गए ये बदलाव केवल पदस्थापन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य वन अनुसंधान, जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। राज्य सरकार लगातार वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपकर विभागीय कार्यों में गति लाने का प्रयास किया गया है।

forest department reshuffle: पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच अहम बदलाव

छत्तीसगढ़ देश के सबसे अधिक वनाच्छादित राज्यों में शामिल है। राज्य में वन्यजीव संरक्षण, वनों के सतत प्रबंधन, अनुसंधान गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटना बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियों को विभाग की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल से आने वाले समय में विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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