मधुबनी मुख्यालय में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण शहर की लगभग सभी कॉलोनियों में जलजमाव हो गया है। शनिवार को स्थिति और बिगड़ गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनियों में पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और आवाजाही से कतरा रहे हैं। गंदे पानी और उसमें पनप रहे कीड़े-मकोड़ों से भी स्थानीय निवासी परेशान हैं। इस जलजमाव ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। नालों की नियमित सफाई न होने और पुल-पुलिया बंद होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। पहले चकदह से होते हुए पानी पुरानी नदी में चला जाता था, लेकिन अब यह मार्ग भी अवरुद्ध है। स्थानीय निवासी बिंदु भूषण ठाकुर, उदय कुमार झा, शशि झा और कुणाल कुमार झा ने बताया कि यह समस्या एक दिन की नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है और हर साल बढ़ती जा रही है। मधुबनी मुख्यालय में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण शहर की लगभग सभी कॉलोनियों में जलजमाव हो गया है। शनिवार को स्थिति और बिगड़ गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनियों में पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और आवाजाही से कतरा रहे हैं। गंदे पानी और उसमें पनप रहे कीड़े-मकोड़ों से भी स्थानीय निवासी परेशान हैं। इस जलजमाव ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। नालों की नियमित सफाई न होने और पुल-पुलिया बंद होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। पहले चकदह से होते हुए पानी पुरानी नदी में चला जाता था, लेकिन अब यह मार्ग भी अवरुद्ध है। स्थानीय निवासी बिंदु भूषण ठाकुर, उदय कुमार झा, शशि झा और कुणाल कुमार झा ने बताया कि यह समस्या एक दिन की नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है और हर साल बढ़ती जा रही है।


