दिल्ली के चर्चित कारोबारी मुस्लिम त्यागी और उनके परिवार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे वाजिद का मेरठ में कड़ी सुरक्षा के बीच निकाह कराया गया। तिहाड़ जेल में बंद वाजिद को अदालत से मिली सीमित पैरोल पर दिल्ली पुलिस मेरठ लेकर पहुंची थी। गांव समोली में बेहद सीमित लोगों की मौजूदगी में निकाह की रस्म पूरी हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस अनोखी शादी को देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ जुट गई।
दिल्ली के चर्चित मुस्लिम त्यागी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा भुगत रहे कैदी वाजिद का मेरठ जिले में पुलिस निगरानी के बीच निकाह कराया गया। अदालत से मिली अस्थायी पैरोल के बाद दिल्ली पुलिस की टीम सोमवार को वाजिद को तिहाड़ जेल से लेकर मेरठ पहुंची।सबसे पहले पुलिस टीम दौराला थाने गई। जहां जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद वाजिद को उसके पैतृक गांव समोली ले जाया गया। गांव में पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय पुलिस और दिल्ली पुलिस की टीम पूरे समय मौके पर तैनात रही।
निकाह में सिर्फ चुनिंदा रिश्तेदार शामिल हुए
वाजिद का निकाह मेरठ के पावती अफजलपुर गांव की रहने वाली यासर्म के साथ कराया गया। निकाह समारोह में सिर्फ करीबी रिश्तेदारों और चुनिंदा लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आम लोगों की एंट्री सीमित रखी थी। हालांकि गांव में जैसे ही लोगों को उम्रकैदी के निकाह की जानकारी मिली, आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मौके के आसपास जमा होने लगे। पूरे कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्सुकता दिखाई दी। कई लोग सिर्फ इस अनोखे निकाह को देखने के लिए पहुंचे थे।
निकाह की रस में पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई
निकाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस वाजिद को वापस अपने साथ राजधानी ले गई। अधिकारियों के मुताबिक पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया और किसी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी गई।
बताया जाता है।
पिछले 10 साल से काट रहा सजा
वाजिद पिछले करीब 10 साल से जेल में बंद है। उस पर दिल्ली के कारोबारी मुस्लिम त्यागी और उनके परिवार के पांच सदस्यों की हत्या में शामिल होने का आरोप साबित हुआ था। यह मामला उस समय काफी चर्चाओं में रहा था। क्योंकि हत्या के बाद शवों को अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था। जांच के बाद अदालत ने वाजिद समेत अन्य आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।


