बक्सर में विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने जिले के विकास, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद दिया, वहीं जिले के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बाहरी लोग बक्सर में सांसद और विधायक बनने की होड़ में लगे हैं, जबकि विश्वामित्र सेना बक्सर को विकसित बनाने की लड़ाई लड़ रही है। राजकुमार चौबे ने बताया कि विश्वामित्र सेना लंबे समय से बक्सर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संघर्षरत है। इसी क्रम में वामन भगवान मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर से मुक्त कराने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा हाल ही में इस दिशा में की गई पहल से लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। बक्सर की सांस्कृतिक पहचान और गौरव से जुड़ा मामला बताया चौबे ने जानकारी दी कि विश्वामित्र सेना ने पूर्व में वामन भगवान मंदिर परिसर में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित कर चेतावनी दी थी। संगठन ने कहा था कि यदि मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर से मुक्त नहीं कराया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि बक्सर की सांस्कृतिक पहचान और गौरव से जुड़ा मामला बताया। ”बक्सर अपनी अलग पहचान बना सकता” विश्वामित्र सेना ने घोषणा की है कि वह आगे भी बक्सर के धार्मिक स्थलों के उत्थान और पर्यटन विकास के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में बक्सर में “विश्वामित्र कॉरिडोर” का निर्माण, एयरपोर्ट की स्थापना और पंचकोसी यात्रा स्थली का व्यापक विकास शामिल है। चौबे के अनुसार, इन परियोजनाओं पर गंभीरता से काम होने पर बक्सर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सकता है। राजकुमार चौबे ने स्पष्ट किया कि विश्वामित्र सेना का मुख्य उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि बक्सर का समग्र विकास और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। उन्होंने बताया कि संगठन लगातार जनता के मुद्दों को उठाता रहा है और आने वाले दिनों में बक्सर के विकास के लिए बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान भी चलाएगा। बक्सर में विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने जिले के विकास, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद दिया, वहीं जिले के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बाहरी लोग बक्सर में सांसद और विधायक बनने की होड़ में लगे हैं, जबकि विश्वामित्र सेना बक्सर को विकसित बनाने की लड़ाई लड़ रही है। राजकुमार चौबे ने बताया कि विश्वामित्र सेना लंबे समय से बक्सर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संघर्षरत है। इसी क्रम में वामन भगवान मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर से मुक्त कराने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा हाल ही में इस दिशा में की गई पहल से लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। बक्सर की सांस्कृतिक पहचान और गौरव से जुड़ा मामला बताया चौबे ने जानकारी दी कि विश्वामित्र सेना ने पूर्व में वामन भगवान मंदिर परिसर में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित कर चेतावनी दी थी। संगठन ने कहा था कि यदि मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर से मुक्त नहीं कराया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि बक्सर की सांस्कृतिक पहचान और गौरव से जुड़ा मामला बताया। ”बक्सर अपनी अलग पहचान बना सकता” विश्वामित्र सेना ने घोषणा की है कि वह आगे भी बक्सर के धार्मिक स्थलों के उत्थान और पर्यटन विकास के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में बक्सर में “विश्वामित्र कॉरिडोर” का निर्माण, एयरपोर्ट की स्थापना और पंचकोसी यात्रा स्थली का व्यापक विकास शामिल है। चौबे के अनुसार, इन परियोजनाओं पर गंभीरता से काम होने पर बक्सर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सकता है। राजकुमार चौबे ने स्पष्ट किया कि विश्वामित्र सेना का मुख्य उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि बक्सर का समग्र विकास और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। उन्होंने बताया कि संगठन लगातार जनता के मुद्दों को उठाता रहा है और आने वाले दिनों में बक्सर के विकास के लिए बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान भी चलाएगा।


