भागलपुर. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) की ओर से दो दिवसीय डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (डीसीईसीई) आयोजित हुई। इसके दूसरे दिन रविवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही परीक्षार्थी अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। निर्धारित समय से पहले ही जिला स्कूल, राजकीय बालिका इंटर स्कूल, मारवाड़ी पाठशाला, उर्दू बालिका इंटर स्कूल समेत जिले के सभी 18 परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। सघन जांच के बाद ही मिली अभ्यर्थियों को एंट्री पहली पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया सुबह से ही शुरू कर दी गई थी। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर सघन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई। सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन कराया प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच के साथ सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन कराया गया। परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए थे। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भी काफी भीड़ रही। प्रशासन की ओर से केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई थी। परीक्षा देकर बाहर निकली परीक्षार्थी सोनाक्षी ने बताया कि प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप पूछे गए थे। पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों से प्रश्न शामिल थे, जबकि पारा मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित परीक्षा में विज्ञान, अंकगणित, भाषा और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए। अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और सामान्य स्तर का बताया। बता दें कि इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी और निजी पॉलिटेक्निक के साथ पारा मेडिकल संस्थानों में नामांकन का अवसर हासिल होगा। परीक्षा पर्षद के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जिला प्रशासन की निगरानी में परीक्षा का संचालन किया गया। भागलपुर. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) की ओर से दो दिवसीय डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (डीसीईसीई) आयोजित हुई। इसके दूसरे दिन रविवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही परीक्षार्थी अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। निर्धारित समय से पहले ही जिला स्कूल, राजकीय बालिका इंटर स्कूल, मारवाड़ी पाठशाला, उर्दू बालिका इंटर स्कूल समेत जिले के सभी 18 परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। सघन जांच के बाद ही मिली अभ्यर्थियों को एंट्री पहली पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया सुबह से ही शुरू कर दी गई थी। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर सघन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई। सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन कराया प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच के साथ सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन कराया गया। परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए थे। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भी काफी भीड़ रही। प्रशासन की ओर से केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई थी। परीक्षा देकर बाहर निकली परीक्षार्थी सोनाक्षी ने बताया कि प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप पूछे गए थे। पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों से प्रश्न शामिल थे, जबकि पारा मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित परीक्षा में विज्ञान, अंकगणित, भाषा और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए। अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और सामान्य स्तर का बताया। बता दें कि इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी और निजी पॉलिटेक्निक के साथ पारा मेडिकल संस्थानों में नामांकन का अवसर हासिल होगा। परीक्षा पर्षद के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जिला प्रशासन की निगरानी में परीक्षा का संचालन किया गया।


